आंटी ने मेरी जिद पूरी की

हैल्लो दोस्तों, आप सभी को मेरा नस्कार. मैंने एक बार मेरी आंटी को गलती से पेंटी और ब्रा में देखा था. अब में रसोई में गया, जहाँ पर आंटी खाना पका रही थी. फिर में आंटी के पास गया और आंटी साड़ी में बहुत सेक्सी लग रही थी. अभी भी मुझे उनकी वो पेंटी की झलक याद आ रही थी, अब में उन्हें बस ताकता ही रह गया. फिर आंटी बोली जो कुछ हुआ वो भूल जाओ. फिर मैंने कहा कि आंटी में भूलने की ही कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन आपका वो सुंदर रूप मेरे मन से जाता ही नहीं है, आप बहुत ही सेक्सी हो ये बोलकर में थोड़ा सा रुका.

अब आंटी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वो क्या बोले? ये देखकर मैंने और आगे बढ़ने की कोशिश की, तो मैंने कहा आंटी आप लाल पेंटी में बहुत ही सेक्सी लग रही थी, आपका शेप देखकर मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया. अब आंटी को गुस्सा आ रहा था. फिर वो पीछे मुड़ी और मेरी तरफ देखा, अब मेरा लंड खड़ा ही था तो अब आंटी का ध्यान मेरे लंड की तरफ गया.

अब आंटी के कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था. फिर भी वो बोली देखो समीर तुम्हें ये सब भूलना होगा, ऐसे सोचो कि अपनी आंटी के बारे में कुछ मन में रखना ग़लत बात है. फिर अब में उनके नज़दीक गया और उनसे कहा और खुलकर बात करने लगा.

फिर मैंने कहा कि आंटी आपको पता नहीं आप कितनी खूबसूरत हो, आपको कोई भी ग़लती से नंगा पेंटी में देख ले तो कोई भी आपको ज़बरदस्ती चोदने का प्रयास करेगा. फिर मैंने तो आपको नंगा ही नहीं बल्कि आपकी पेंटी के ऊपर हाथ से मसल भी दिया है, आपका शरीर कोमल और मुलायम है और जब मैंने आपको नंगा देखा था, तब आपकी उम्र किसी 22 साल की लड़की की तरह लग रही थी.

अब आंटी को गुस्सा भी आ रहा था और थोड़ा मन में अच्छा भी लग रहा था. अब उनकी तारीफ सुनकर आंटी ने कहा देखो हमारे बीच में ऐसा कोई भी रिश्ता नहीं बन सकता है, में एक शादीशुदा बच्चे वाली औरत हूँ और तुम्हें मेरे बारे में ऐसा नहीं सोचना चाहिए है, ऐसी सोच भी रखना बुरी बात है, तुम अपने मन से बुरी बातें निकाल दो. अब आंटी ने मुझे समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन में भी उनके उस नंगे रूप की काम वासना में डूब गया था. मुझे कुछ भी अच्छी बातें समझ नहीं आ रही थी, सिर्फ़ आंटी को चोदना ही मेरे मन में बैठ गया था. अब आंटी की बातों ने मुझे नाराज़ कर दिया था, लेकिन में भी सुनने को तैयार नहीं था.

READ  प्रोफेसर ने चूत स्टूडेंट से चुदवाई हेल्लो दोस्तों मेरा नाम शिव है मैं एक मध्यम बांधे का गेहूँवन का लड़का हूँ, मेरी उम्र 21 साल है. मैं आज आपको मैंने अपने इकोनॉमिकस की टीचर की चुदाई की तब की कहानी बताऊंगा…यह टीचर का नाम प्रियंका है. वैसे तो मैं कोलेज के पिछले दो सालो मैं कितनी ही इंडियन औरत और इंडियन गर्ल्स की चुदाई कर चूका था लेकिन मेरे लिए यह इंडियन चूत बहुत अलग थी और यह इंडियन चूत शायद मैं जिंदगी भर याद रखूँगा.   हमारे कोलेज मैं प्रियंका मेम का पहेला दिन मुझे आज भी याद है, वह किसी कोलेज गर्ल के जैसी ही लाग रही थी और यही धोखा सभी को हुआ था, कितनो ने तो उस दिन इस इंडियन सेक्सी लड़की को पटाने के तरीके भी सोचे थे, लेकिन जब पता चला की यह तो नई नई पढाई ख़त्म कर के बनी हुई प्रोफ़ेसर है तो कितनो के दील टूट गए थे. वैसे इस इंडियन सेक्सी मेडम के क्लास को कोई मिस नहीं करता था और लड़के तो कभी नहीं….! एकाद महिना हो गया इस सेक्स बम को क्लास में पढ़ाते हुए और उसकी और मेरी अच्छी जमने लगी थी, वोह अक्सर मुझे अपने पर्सनल काम के लिए बुलाती थी, लेकिन आज तक इसने मुझे अपने घर नहीं बुलाया था किसी भी काम से….उसके सारे काम स्टाफ रुम स्टेशनरी वगेरह के ही रहेते थे. मैं मनोमन सोचने लगा बस एक बार चांस दे दो तुम्हारी इंडियन चूत बजा ना दूँ तो मेरा नाम भी शिव नहीं. उस दिन सुबह सवेरे मेरी किस्मत खुल गई, प्रियंका मेडम ने मुझे केंटिन के बहार ही पकड़ा और कहा, “शिव आज मेरे घर आओगे. मुझे घर पे कुछ काम है ?” मेरे मन मे लड्डू फूटने लगे थे, मैंने कहाँ, “जरुर मेडम, पर मैंने आपका घर नहीं देखा है….!” प्रियंका मेडम, “एक काम करेंगे, शाम को मैं तुम्हे अपनी स्कूटी पर ही लिफ्ट दे दूंगी” दोपहर ही हुई थी और मेरे लिए एक एक पल निकालना भारी था, मैंने बाथरूम जा के एक बार लंड को अपने हाथ में लेकर इंडियन पोर्नस्टार प्रियंका चोपरा और प्रियंका मेडम के साथ थ्रीसम के ख़याल करते हुए हस्तमैथुन कर दियां. लंड एक घंटे में फिर से मुझे हेरान कर रहा था, मैं सोच रहा था की कब मैं मेडम के साथ जाऊं और कोई चांस शायद निकल आयें. शाम उस दिन बहुत देर से हुई, आखिर कार शाम के कुछ 5 बजे प्रियंका मेडम लायब्रेरी से निकली और बोली, “चलो शिव” उसने अपनी स्कूटी निकाली और वह अपने गोल गोल कूले इस स्कूटी की सिट पर रख के बैठ गई, मैं पीछे बैठ गया. मेरी नजर कभी उसके कूलों पर पड़ती तो कभी उसके कंधो पर, साड़ी के ब्लाउज़ के उपर के भाग में इस इंडियन टीचर के गोरे कंधे का भी अपना नशा था, मेरा लंड अब फिर से पेंट में ऊँचा हो रहा था. हम लोग मेईन मार्केट से होते हुए निकले और रास्ते में गर्दी होने के कारण कई बार ब्रेक लगाना पड़ा, मेरे दिमाग में शैतानी सूझी और मैं धीरे से आगे सरक गया, अब जब भी मेडम ब्रेक लगाती वह ना चाहते हुए भी मुझ से अपनी कमर टकरा देती थी. उसका घर आ गया और हम निचे उतरे, मेरा लंड मेरी जींस में भी काट रहा था. घर में दाखिल होते ही मेडम ने कहा, “मेरे मम्मी डेडी दो दिन से इंदोर गए है और मेरे पीसी मेरे डेड के पीसी में शायद वायरस आ गया है तो मुझे वह ठीक करवाना था तूम से. मैंने तुम्हे अक्सर लायब्रेरी के पीसी पर देखा है और सोचा की तूम यह कर लोगे.” मैंने कहा, “देखते है मेडम…!” उसने मुझे पीसी पर से कवर हटा के दिया और मैं वही कुर्सी में बैठकर पीसी चालू कर के चेक करने लगा, स्केन के रिज़ल्ट देख के मेरी आँखे खुली रह गई, मेडम ने उस पे हिंदी सेक्स स्टोरीस और वीडियो ही नहीं बल्क़ि पोर्न वीडियो वाली साइटें भी खोली थी और उसके डेड ने की हुई सेटिंग की वजह से फायरवाल ने इंटरनेट डिसेबल कर दिया था. मुझे लगा, इसमें इस इंडियन प्रोफ़ेसर की क्या गलती है…..हरेक जवान लड़की को चुदाई के अरमान होते है. लेकिन जब मैंने इन लिंक्स को देखा तो चोंक जरुर गया क्यूंकि इनमे गेंगबेंग और डीपथ्रोट के भी लिंक थे. मैंने लिंक डिलीट नहीं किये लेकिन सेटिंग चेंज कर के  पीसी को सही कर दिया. प्रियंका मेडम तभी चाय ले कर रूम में आई, मैंने उसे कहा, “यह हो गया है मेडम…आप चेक कर लो.”   मेडम निचे बैठी मेरी नजर अब उसके भारी इंडियन चुंचो पर थी, मैंने उसे कहा, “आप इंटरनेट ओन कर के देख लो”….मैं अभी भी उसके चुंचे ही देख रहा था….! मेडम बोली, “शिव क्या देख रहे हो.” मैं हडबडा गया और बोला, “कुछ नहीं मेडम” अब मेडम जो बोली वह मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, उसने कहा, “खोल के दिखाऊं” मैं हक्काबक्का था पर मेडम तो सच कहे रही थी क्यूंकि उसने तुरंत अपना ब्लाउज मुझे दिखाते हुए साडी का पल्लू एक तरफ कर दिया, उसके जवान चुंचे 34 की साइज़ के तो होंगे ही और वह बदन पर एकदम लचे हुए थे. मेडम और मेरी आँखे मिली और उसकी आँखों में मुझे वासना का कीड़ा नजर आ गया. मैं भी अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ और उसके समीप जा कर मैंने उसके बड़े बड़े चुन्चो को हाथ में लेकर दबाने लगा. मेडम का एक एक चुंचा ढाई किलो का था और मेरे हाथ में नहीं आ रहा था, मैं अब दोनों इंडियन देसी स्तन को हाथ में ले कर दबाने लगा. मेडम ने अब ब्लाउज खोल दिया और साड़ी और एक एक कर के अपने सारे कपडे उतार दियें, मेरा लंड पेंट के अंदर ही उछल पड़ा, क्या साफ़ चूत थी यारो हलकी गुलाबी और उसके उपर बड़े बड़े दो लिप्स. मैंने अपना हाथ अब मेडम के चूत के उपर रख दियां और मैं उसकी चूत को सहेलाने लगा, मेडम ने अब धीमे से मेरे शर्ट के बटन बिलकुल सेक्सी तरीके से खोलने शरु कर दियें, उसका हाथ शर्ट खोलने के बाद उसका हाथ मेरे लंड के उपर जींस निकालेबिना आ गया और वोह उसे दबाते हुए बोली, “शिव बंदूक तो बड़ी है तुम्हारी, गोलियां निकली है कभी इस से…!” मेडम को ऐसा बोलते सुनके मुझे अजीब और उत्तेजक दोनों एक साथ लगा, मैं कुछ बोला नहीं और उसे जोर से अपने आगोश में ले दबोचा, मेडम के सेक्सी इंडियन चुंचे मेरे छाती से टकराने लगे और मैं जैसे उन्हें अपनी छाती से दबाता था मेडम के मुहं से आहिस्ता आहिस्ता सिसकारियाँ निकलती थी. मैंने अब धीमे से अपनी जींस निकाल दी और प्रियंका मेडम तुरंत अपना हाथ मेरे लंड के उपर ले गई, उसने अंडरवेर उतारने का भी वक्त नहीं दिया और वह लंड को उपर से ही सहलाने लग पड़ी, मुझे उसके प्रत्येक स्पर्श से अलग ही रोमांच आ रहा था, अब मेडम ने मेरी चड्डी खोल दी और वह मेरे लंड को देख के मन ही मन हंस रही थी, उसे शायद आज अपनी साइज़ मिली थी क्यूंकि मेरा लंड बहुत ही तगड़ा था. मेडम ने मुहं खोल के आ किया और लंड को चोकोलेट बार की तरह चूसने लग गई. मैं इस सुखद आश्चर्य को कैसे हजम कर रहा था यह केवल मुझे ही पता था. मेडम इस इंडियन लोडे को जम के चूसने लग पड़ी और उसके हाथ मेरी गांड के उपर रखे हुए थे, मैंने अपना लंड मेडम के मुहं में धकेलना शरू कर दिया और मेडम चप्प्पप्प्प…चास्स्स्सस्स्स्स…..चोऊऊऊ…..चो…चो….करते हुए लंड को चुसे जा रही थी. मैंने अब अपना लंड उसके मुहं से निकाला और पता नहीं के इस सेक्सी इंडियन जवान मेडम को क्या सूझी उसने मेरा लंड हाथ में लेकर अपने निपल पर फेरना चालू किया, वोह बारी बारी एक एक निपल पर लंड को घिस रही थी, लंड चिकना होने की वजह से इस घिसाहट में एक अलग मजा मुझे भी आ रहा था. मेडम अब उठ खड़ी हुई और वह वही पर बैठक खंड के टेबल पर लेट गई, मैंने उसकी टाँगे खोली और अपना लंड लेके मैं भी पलंग पर चढ़ बैठा, यह पलंग सोने वाला नहीं बल्कि बेठने वाला था और मुश्किल से एडजस्ट हो पा रहे थे हम दोनों इस के उपर. मैंने अपना लंड धीमे से मेडम की चूत पर रखा और एक हलका झटका दे कर उसको इस चूत के अंदर धकेल किया, मेडम ने अपने होंठो को अपने दांतों के निचे दबाया और वह मेरी तरफ नजर कर राही थी, उसकी आँखों में संतोष के भाव थे और मैंने एक झटका और दे कर अब लंड को अंदर बहार करना चालू कर दिया, प्रियंका मेडम के सेक्सी इंडियन चुंचे इधर उधर उछल रहे थे जिनको अब मैंने अपने हाथ में लेकर दबाने लगा. मेरा लंड बिना रोकटोक इस देसी चूत के दरवाजे के अंदर बहार हो रहा था, शायद मेडम पहेले से ही बहुत चुदक्कड थी और इस लिए चूत उसकी फ़ैल चुकी थी और लंड इसलिए आराम से अंदर बहार हो रहा था वरना पहेले लंड डालो तो लडकियाँ अक्सर चिल्लाने लगती है…! करीब तिन चार मिनिट तक मैंने मेडम को ऐसे चोदा औ फिर मैंने उसके दोनों पग इस तरह अपने कंधे पे चढ़ाये के उसकी झांघे मेरे कंधो पर थी, जी हाँ मिशनरी पोजीशन, और अब में चप चप करके उसकी चूत को मारने लगा, यह पोजीशन सही थी क्यूंकि लंड अन्दर तक जा रहा था और इसमें मुझे कुछ ज्यादा ही रोमांच आया रहा था, और तो और मेडम भी इस पोजीशन में सिसकारियाँ कर रही थी. मैंने जोर जोर से इसकी इंडियन चूत को चोदना चालू रखा और 10 मिनिट की चुदाई के बाद मेरा लंड निढाल हो गया, सारा माल मलीदा इस देसी चूत के अंदर निकलने लगा. मैं मेडम के ऊपर ही दो मिनिट तक पड़ा रहा, थोड़ी देर बाद वो कोफ़ी बना के लेके आई और उसने कोफ़ी पिने के बाद मेरे लंड को फिर मसलना चालू कर दिया. अब की बार तो मैंने प्रियंका मेडम की 20 मिनिट तक लगातार चुदाई कर दी और फिर मैं अपने घर की और चल पड़ा, उसने मुझे ड्रॉप करने के लिए कहा लेकिन में चाहता था की हमें कोई और देखे ना, क्यूंकि कुछ लोडू लोग चुदाई का सेटिंग बिगाड़ देते है और मुझे यह इंडियन चूत को लम्बे समय तक लेना था क्यूंकि इस एक्जाम में पास होने पर में क्लास में इस सब्जेक्ट में टॉपर भी तो हो सकता था…..! Aug 26, 2016Desi Story

फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी आप मुझे समझने की कोशिश करो, में तो आपसे एक साधारण ही संबंध रखता हूँ, में आपसे कोई भी आपके पति वाले संबंध नहीं बनाना चाहता, में तो सिर्फ़ आपको आपके उस नंगे रूप में निहारना चाहता हूँ. मुझे आपको आपकी मर्ज़ी के बिना चोदना नहीं है, अगर आपकी इच्छा हो तो ही हम अपने संबंध रखेगें. मैंने अभी भी आपको नंगा देखने के बाद भी अपने मन को काबू में रखा है, अगर आपको और कोई भी नंगा देखेगा तो आपको आपकी मर्ज़ी के बिना चोद डालेगा, आप बहुत खूबसूरत हो.

अब आंटी ये सुनकर हैरान रह गयी कि में अब उनके बारे में ऐसे बातें कर रहा था, अब आंटी सोच में पड़ गयी थी और अब उनके कुछ समझ में नहीं आ रहा था. अब मुझे लग रहा था कि वो मेरी कुछ बातों को मानने के लिए राज़ी हो सकती है. तभी मैंने कहा कि आंटी में आपको सिर्फ़ नंगा ही देखना चाहता हूँ, में आपको पेंटी और ब्रा में फिर से देखना चाहता हूँ, में आपके शरीर को तब तक स्पर्श नहीं करूँगा, जब तक आपकी मर्ज़ी ना हो, में आपके सुंदर बूब्स और चूत चूतड़ देखना चाहता हूँ, बस में आपको दूर से देखकर अपने लंड को हाथ में लेकर मुठ मारूँगा.

अब आंटी ये सुनकर तो हैरान ही रह गयी कि में उनको नंगा देखना चाहता हूँ. फिर आंटी ने कहा कि देखो ये संभव नहीं है, मुझे तुमसे कोई भी ऐसा रिश्ता नहीं रखना और तुम ऐसा सोचना अब बंद कर दो, में किसी भी दूसरे मर्द के साथ अपनी इज़्जत शेयर नहीं करना चाहती हूँ.

फिर मैंने आंटी से कहा कि आंटी आप मेरी बातें समझ नहीं रही हो. मैंने आपकी इज़्जत को तो कब का देख लिया है, आप ये भूल गयी है कि मैंने आपकी चूत और चूतड़ को भी सहलाया है और मैंने आपकी पेंटी में हाथ भी डाला है. अब आपकी मेरे सामने कोई और इज़्जत बची नहीं है, में आपको एक बात बताना चाहता हूँ कि में हमेशा से आपके बाथरूम में नहाने के बाद जो पेंटी होती थी, उससे मूठ मारता था. मैंने हमेशा अपने आप पर कंट्रोल रखा था, लेकिन आज के हादसे के बाद आपको नंगा देखने के बाद जो भी आपकी इज़्जत कपड़ो में ढकी थी, वो भी अब नहीं रही. अब आपकी इज़्जत बची ही नहीं, अब आप मेरे सामने नंगा भी घूमेंगी, तभी आपकी इज़्जत नहीं जायेगी.

आंटी आप मेरी सिर्फ़ मदद कीजिये और में सिर्फ़ आपकी उतनी ही इज़्जत माँग रहा हूँ, जो कि आज आपने गंवाई है. में आपको स्पर्श तक नहीं करूँगा, लेकिन में आपको सिर्फ़ पेंटी और ब्रा में ही देखना चाहता हूँ, में आपको पूरा नंगा भी नहीं होने को बोल रहा हूँ, सिर्फ़ मेरे मन में जो आग है उसे मिटाना चाहता हूँ और जो मेरे मन में आग लगी, इसके लिए भी आप ही जिम्मेदार हो. आपको मैंने नंगा नहीं देखा होता तो में आज आपसे ये बातें नहीं करता, आपने ही अपनी इज़्जत मुझे दिखाई है.

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फिर वो ग़लती से ही क्यों ना हो? अब आप मेरे सामने नंगी भी हो जाए तो भी आपको शरमाने की ज़रूरत नहीं है. मैंने आपके नंगे शरीर को पूरी तरह से देखा है. अब आंटी ये सब सुनकर परेशान हो गयी.

अब मेरी हद के सामने उनकी कुछ भी नहीं चल रही थी, अब उनको ये एहसास हो गया था कि अब उन्हें मेरे सामने फिर से एक बार नंगा होना ही पड़ेगा. फिर भी वो नंगा ना होने का प्रयास कर रही थी, तो आंटी ने कहा कि ये ग़लत है, हालाकिं मेरी इज़्जत चली गई है, तुमने मुझे नंगा देख लिया है, लेकिन में बार-बार तुम्हारे सामने नंगी नहीं हो सकती हूँ, एक बार नंगी देखने पर में बार-बार नंगी नहीं हो सकती हूँ, तुम यहाँ से जाओं और अब ये ख्याल छोड़ दो.

अब आंटी के ये बोल सुनकर मेरी उम्मीदों पर पानी फिरने लगा था. अब मैंने फिर से प्रयास करना चाहा और मुझे भी मालूम था कि ये मेरा आखरी मौका था, क्योंकि मुझे भी पता था कि अब मैंने आंटी को नंगी नहीं किया तो में कभी भी उन्हें नंगा नहीं कर पाऊँगा. अब में ये मौका गँवाना नहीं चाहता था.

फिर मैंने आंटी से कहा कि में आपके हाथ जोड़ता हूँ, आप मुझे इस मुसीबत से निकालो, अगर आपको नंगा देखकर मेरे मन की आग जो आपको चोदने की लगी है, वो में मुठ मार कर मिटाना चाहता हूँ. आज आप नंगी हो गयी तो में अपने मन की आग मिटाऊंगा और आपकी कोई इज़्जत भी नहीं जायेगी और मेरा मन भी शांत हो जायेगा, ऐसा बोलकर मैंने अपनी पेंट उतारी और अब में नंगा आंटी के सामने खड़ा हो गया.

अब आंटी ये सब देखती ही रह गयी. फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और उनके सामने नंगा हो गया. अब मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा था, अब आंटी भी मुझे पूरी तरह से निहारती रही, अब में अपने लंड को हाथ में पकड़कर उनके सामने सहलाने लगा. अब उन्हें मेरा लंड पसंद आ रहा था और वो भी उसे ध्यान से देख रही थी. फिर मैंने आंटी को कहा कि प्लीज़ आप मेरी सहायता कीजिए, अब आप अपने कपड़े उतार दीजिए, लेकिन आंटी ये मानने के लिए तैयार नहीं थी. फिर में बाथरूम में चला गया और आंटी ने नहाने के बाद जहाँ अपनी पेंटी सूखने के लिए डाली थी, वो लेकर आया और में उससे मूठ मारने लगा, वो पेंटी भी बदामी कलर की थी और मुलायम भी थी.

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ये देखकर आंटी को भी समझ में आ रहा था कि में उनके प्रति बहुत पागल हो गया हूँ और अब में कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हूँ. फिर आंटी ने मुझसे कहा कि ये क्या कर रहे हो? रुक जाओं, तो मैंने आंटी कि एक बात नहीं सुनी और मैंने उनकी वो पेंटी उनके सामने ही पहन ली और अपने लंड को पेंटी के ऊपर से सहलाने लगा. फिर मैंने उनको फिर से कहा कि में आपका नंगा शरीर देखना चाहता हूँ, में मेरी आग मिटाना चाहता हूँ.

अब आंटी सोच में पड़ रही थी तो उन्होंने कहा कि में नंगी नहीं हो सकती, लेकिन में तुम्हें अपनी अभी पहनी हुई पेंटी उतार कर देती हूँ. अब में मन ही मन में खुश हो गया था. फिर आंटी ने अपनी पेंटी मेरे सामने ही उतार दी और आंटी ने मुझे अपनी पेंटी दे दी, तो मैंने उनकी पेंटी ले ली. अब उनकी पेंटी थोड़ी सी गीली भी हो गयी थी, अब उनके मन में भी सेक्स की वासना जाग गयी थी और पेंटी गीली हो गयी थी.

फिर मैंने उनकी पहनी हुई पेंटी निकाल दी और उनकी दी हुई पेंटी से में मेरा लंड सहलाने लगा, लेकिन अब भी मेरे मन को शांति नहीं हो रही थी, तो मैंने आंटी से कहा कि प्लीज़ मेरे सामने आप फिर नंगी हो जाओं तो मेरी आग मिट जायेंगी.

अब आंटी भी मेरा लंड देखकर उनमें भी सेक्स की वासना जाग गयी थी तो आंटी ने कहा कि ठीक है, में मेरे कपड़े उतार देती हूँ. अब ये सुनकर मेरा लंड और भी खड़ा हो गया था तो आंटी ने मुझसे अपनी उतारी हुई पेंटी माँगी, तो मैंने उनकी पेंटी सूँघकर उन्हें दे दी. फिर मेरे सामने ही आंटी ने अपनी पेंटी पहन ली और फिर आंटी ने अपने कपड़े उतारे. फिर उन्हें ब्रा और पेंटी में देखकर मैने उनके सामने ही जोर जोर से मुठ मारी. दोस्तों आज भी आंटी मेरे सामने नंगी होती है और में मुठ मारता हूँ. अब तो में बस आंटी को चोदने का इन्तजार का रहा हूँ.

Aug 11, 2016Desi Story

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