कामिनी भाभी की चुदाई

हेलो दोस्तों,मेरा नाम रघु है और मैं नार्थ इंडिया एंड मुंबई-पुणे रीजन में एक एक्टिव जिगोलो यानि कॉल बॉय हु. आज जो स्टोरी, मैं आपके साथ शेयर कर रहा हु वो कहानी एक सेक्सी बूब्स वाली भाभी की हैं.  यह कहानी कुछ दिन पहले की है. मैं कॉलेज में अपने दोस्त मनुज के साथ मस्ती कर रहा था, तभी मेरी रेनू आंटी का फ़ोन आया कि मुझे एक क्लाइंट को मिलने जाना है. मेरा कॉलेज चंडीगढ़ में है और क्लाइंट को शाम ४ बजे तक अमृतसर में जाकर मिलना था. सो मैंने टाइम वेस्ट नहीं किया और वॉल्वो से अमृतसर निकल पड़ा. ठीक ३:१५ को, मैं अमृतसर पहुँच गया और वहां चले गया; जहाँ मुझे क्लाइंट का वेट करना था. आंटी ने शायद मेरे बारे में उनको बता दिया था, कि मैं कैसा दीखता हु और मैंने क्या पहना है? करीब २० मिनट इंतज़ार करने के बाद, एक वाइट आइ२० मेरे सामने रोड के दूसरी साइड में रुकी और विंडो गिलास नीचे करके लेडी में मुझे देखा.

मैं समझ गया, कि यही होगी. मैं हिम्मत करके गाड़ी करके बढ़ा और उनके पास जाके रेनू आंटी का नाम लिया. उन्होंने एस कहा और गाडी में बैठने का इशारा किया. उसने अपने आप को इंट्रोडीयूज किया और अपना नाम कामिनी बताया. मैंने भी रिप्लाई में अपना नाम बताया. कुछ ही देर में, हम अमृतसर के एक ३ स्टार होटल में पहुच गये. अमृतसर में ठण्ड पड़ थी. सो,हमने रूम में पहुचते ही कॉफ़ी आर्डर की. १० मिनट के बाद, कॉफ़ी आ गयी. कामिनी बोली – रघु, यू हेव कॉफ़ी. मैं फ्रेश होकर बेड पर तुम्हारा वेट करती हु. उस वक्त, मैंने पहली बार उसे गौर से देखा. कामिनी का रंग सांवला था. फिगर अप्प्रोक्स ३४-३०-३६. उसकी हाइट ५.६ फिट के आसपास थी और बॉडी छबी सी थी ना पतली और ना ही मोटी. बरहाल, मैंने अपनी कॉफ़ी ख़तम की और बेड की तरफ बढ़ गया. कामिनी बोली – मैंने अपने कपड़े उतार दिए है, तुम भी पहले ही उतार कर आना.

मुझे उसकी आँखों में नशे को देखकर समझ आ गया, कि मेरे कॉफ़ी पीते- पीते वो विस्की के २-४ पेग मार चुकी थी. आई वाज लाइक.. वह्ह्ह्ह, शी इज सो कूल. मैंने अपने कपड़े उतारे और उसके साथ ब्लंकेट में जाकर लेट गया. उसने मेरी बॉडी पर अपना हाथ फिराया और हाथ फिराते हुए, मेरा हथियार उसके हाथो में आ गया. उसकी आँखों में चमक आ गयी और वो बोली – अरे वाह! ये तो तैयार बैठा है. मैंने कहा.. जानेमन, अभी तो ये गरम भी नहीं हुआ है. इतना सुनते ही, वो मेरे ऊपर चढ़ गयी और अपनी बॉडी को मेरी बॉडी पर रब करने लगी और किस करने लगी. मैंने भी उसके बदन को अपने हाथो में पकड़ लिया और उसके रसीले होठो को चूसने लगा. क्या जबरदस्त किस करती थी वो. फिर एक-का-एक, उसने अपना मुह नीचे किया और मेरे लंड को अपने मुह में भर लिया. मैं तो जैसे सीधा सांतवे आसमान में जा पंहुचा. कामिनी एक एक्सपर्ट की तरह मेरे लंड को चूस रही थी.

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हाथो से ऊपर-नीचे करके, वो मेरे लंड को अपने मुह से निचोड़ रही थी. लंड के साथ- साथ मेरे टट्टे भी खूब चूस रही थी.मैं उसके बालो में हाथ फिरा रहा था और उसको प्रोत्साहित कर रहा था. फिर उसने अपनी गांडमेरी तरफ की और हम ६९ पोजीशन में आ गये. मैंने उसकी चूत में २ उंगलिया डाली और उसे फिन्गेरिंग करने लगा. इधर मेरा लंड माल छोड़ने की तैयारी कर रहा था और २०-२५ मिनट सकिंग करने के बाद, मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और एक पानी एक फाउंटेन की तरह उसके मुह पर फैल गया. उसने फिर से लंड अपने मुह में डाला और सारा पानी चाट गयी. मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चूत को चाटने लगा. वो हलकी- हलकी सिसकिया भरने लगी.. स्स्स्सश्ह्ह अहहहहः ऊऊऊ येयेयेहह्ह्ह्ह! अब सातवा आसमान छुने की उसकी बारी थी. उसने अपनी  टाँगे अच्छे से फैला ली और अब मुझे उसकी चूत साफ़ दिखने लगी. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. वो बेहद साफ़ और गोरी थी.

इतनी गोरी, कि मेरे चाटने और ऊँगली करने से लाल पड़ गयी. पर उसका काम अभी हुआ नहीं था. सो मैंने थोडा सा जोश जगाया उसकी चूत में और जोर से चाटने लगा. कामिनी मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी. ऊऊऊ गॉडद्द्दद्द्द… येयेयेयेयेये अहहहहः. आंम्म्म म्मम्मम्म म्मम्मम!! अहहाह. उसकी आवाज़ भी उसके जितनी ही सेक्सी थी. मस्ती में आकर वो अपनी गांड को उठाने लगी. वो अपने दोनों हाथो से अपने बूब्स दबा रही थी. मैंने फिर से अपनी उंगलिया उसकी चूत में डाली और उसके जी-स्पॉट को रगड़ने लगा. वो जोर से आवाज़ करने लगी. अवावावावावा.. अगगागागा अमममामा अममम्म्म्म… मैं झड़ने वाली हु. अहहहहहः हहहहः हहहहः ओहोहोहोहोहोह करते हुए, उसने अपना सारा पानी मेरे मुह में छोड़ दिया.मैंने उसकी फुद्दी को चाट- चाट कर साफ़ कर दिया और ऊपर हो के उससे हग कर लिया.

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उसने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और अभी भी अहहहः म्मम्मम उहुहुहुहुहुह की आवाज़ कर रही थी. फिर मैंने उसके बूब्स को अपने हाथो से दबाना शुरू कर दिया. उसके निप्पल को मसलने लगा. उसे लिप को अपने लिप से लॉक कर लिया और  उसके बूब्स को दबाता रहा. कुछ देर बाद, मेरा लंड फिर से भयंकर रूप में आ गया. मैं उसके बूब्स को चूस रहा था. उसने मेरे इरेक्ट लंड को महसूस किया और बोली – रघु, मेरी चूत असली चुदाई को तैयार है अब देर मत करो. मैं तुरंत उल्टा और उसकी दोनों टाँगे फैला दी और अपने लंड को उसकी चूत के मुह पर रख दिया. अभी मैंने हल्का सा ही धक्का मारकर थोड़ा सा ही लंड अन्दर किया था. तो बोली – रघु, थोडा आराम से. ये बहुत बड़ा है. मैंने सावधानी रखते हुए, आराम से सारा लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब मैं धीरे से लंड को अन्दर- बाहर कर रहा था. शुरू में, उसे थोड़ा दर्द हो रहा था, लेकिन वो सेक्स करती रही. उसके मुह से अहहहः ऊऔऊक्क्क्छ जैसी आवाज़े निकल रही थी.

मैंने एक बार लंड बाहर निकाला और देखा, कि हल्का- हल्का खून आ रहा था. तभी उसने बताया, कि वो अपने देवर के साथ सेक्स करती थी, जो १२वि क्लास में था. उसका लंड अभी बच्चो वाला ही था. उसके पति उसको हाथ भी नहीं लगाते थे. सो मैंने एक बार फिर अपने लंड को उसकी चूत पर लगाया और जोर से धक्का मारा. लंड शायद पूरा अन्दर घुसकर उसकी जड़ से टकरा गया था. उसके मुह से अहहहाहहः म्मम्मम्मम मर गयी.. करके निकल पड़ी. मैंने उसके होठो पर अपने होठ रख दिए और फिर अपने लंड को ऐसे ही उसकी चूत में पड़ा रहने दिया. कुछ देर बाद, वो नार्मल फील करने लगी. मैंने फिर से धक्के मारने शुरू कर दिए.. उसके मुह से अहहहः अहहहः अहहाह ऊऊओ निकलने लगी. मैंने उसके दोनों टांगो को ऊपर करके अपने कंधे तक कर ली.

फिर मैं और जोर से और तेजी से उसकी चूत को चोदने लगा. मैं बहुत जबरदस्त स्ट्रोक लगा रहा था. वो अहहहा ओहोहोहोहो करती हुई, बेडशीट को अपनी मुठ्ठी में भीचे पड़ी थी. उसका मज़ा अपनी चरम सीमा पर था. इधर मेरा लंड भी इतनी गोरी चूत को पहली बार चोद रहा था, तो ख़ुशी से फुला नहीं समां रहा था. उसके मोटे- मोटे थाई मेरे थाई से टकरा रहे थे. थोड़ी देर बाद,मेरा जोश और भी दूना हो गया और मैंने उसके शरीर को फोल्ड करके उसकी गांड को थोडा उठाया और जोर से धक्के लगाने लगा. वो अपनी गांड को आगे झटके मारते हुए अहहहहहहः अहहहहहः करते हुए, मेरा साथ दे रही थी. थोड़ी देर बाद, मैंने उसे घोड़ी बनाया और पूरी रफ़्तार से उसे चोदने लगा. हर धक्के के साथ मेरी रफ़्तार तेज हो रही थी. हम दोनों पसीने से लतपथ हो चुके थे. मेरे झटको से उसका सारा बदन हिल रहा था. उसकी चूत से पच- पुच- पुच की आवाज़ आ रही थी.

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ऐसा लग रहा था, कि जैसे कि उसकी चूत ने हल्का- हल्का पानी छोड़ दिया हो. मैंने अपने झटके ज़ारी रखे और उसकी चूत पूरी तरह से लाल हो चुकी थी. फिर मुझे महसूस हुआ, कि मैं भी झड़ने वाला हु. मैंने और जोर से चुदाई शुरू कर डी. कामिनी इस सेंसेशन पर कण्ट्रोल नहीं कर पा रही थी. ओह्ह्ह्ह रघु, आराम से …. अहहहः अहहहः … मर गयी… मर गयी रघु. अहहहः म्मम्मम अब नहीं झेल सकती… मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा है. ऐसा कहते हुए, वो झड़ गयी. मैं भी भी हफ्ते हुए बेड पर लेट गया और वो मेरे ऊपर आ गयी और मेरे लंड को अपने हाथ से ऊपर नीचे करते हुए, मेरे लंड को अपने मुह में लेने लगी. मेरे लंड ने हिलते हुए अपना सारा पानी उसके मुह में छोड़ दिया. वो मेरे लंड को किसी बच्चे की तरह चूसने लगी और मेरा पूरा माल निकालकर साफ़ कर दिया. फिर हम दोनों बेड पर लेते रहे. कुछ देर बाद, हम दोनों के जाने का टाइम हो गया. हम दोनों एक साथ बाथरूम में फ्रेश हुए और एक दुसरे को क्लीन किया.

बाहर आकर हमने गरम दूध पिया और अपनी मंजिल की तरफ निकल पड़े. उसने मुझे बसस्टॉप तक ड्राप किया और अपनी राह चली गयी.

Aug 28, 2016Desi Story

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