ट्रेन में जवान खूबसूरत वेटिंग टिकट बाली

दोस्तों कभी मेरा सफर इतना सुहाना होगा ये कभी सोचा भी नहीं था, पर जब भगवान् देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है, ऐसा मेरे साथ हुआ था जब मैं पूर्वा एक्सप्रेस में सफर कर रहा था सेकंड क्लास वातानुकूलित कोच में. आज मैं दोस्तों पूरी कहानी बताऊंगा, आपको मजा आ जायेगा, ये सफर मेरा ना भूलने बाला सफर है. मैं आज भी वो दिन याद करता हु, और ख़ुशी से झूम उठता हु.

ये कहानी आज से करीब एक महीना पुरानी है. जब मैं दिल्ली से आसनसोल की सफर कर रहा था, मेरा टिकट साइड लोअर बर्थ था, मैं मजे से बैठ कर अपने मोबाइल पर गाने सुन रहा था, तभी जोर जोर से आवाज आ रही थी, देखो मैडम जी, मैं कुछ नहीं कर सकता आपका टिकट वेटिंग है, और कोच में कोई सीट खाली नहीं है मैं आपको सीट नहीं दे सकता. तभी टीटी मेरे पास आकर मेरा टिकट चेक किया, वो मेरे सीट के सामने ही खड़ी थी, सब लोगो का पर्दा लगा हुआ था, सेकंड क्लास में तो आपको पता ही है, वो वही खड़ी थी, मेरे सीट के सामने टीटी दूसरे लोगो से टिकट मांगने लगा था, वो औरत साडी में थी, उसका साइड से ब्लाउज में चूचियां काफी टाइट और सुडौल लग रहा था, उसके गालों पे लालिमा थी, बहूत ही गोरी थी, लंबे लंबे बाल, श्यामली थी, कजरारी आँखे, हिप बाहर की और निकला हुआ, दोस्तों उसने मुझे घायल कर दिया था अपनी कातिल नजर से. वो. मैंने पूछा क्या हुआ, तो उसने कहा, क्या बताऊँ, मुझे आसनसोल जाना है. मेरा वेटिंग एक रह गया है, जाना जरुरी है, तो मैं ट्रेन पर चढ़ गई सोची की कन्फर्म हो जायेगा, पर ये मना कर रहा है क्या करूँ बहूत ही ज्यादा टेंशन हो रही ही,

मैंने कहा अगर आप बुरा नहीं मानो तो आप यहाँ बैठ सकती हो. ऐसे भी पूरा सीट पे दिन में कौन बैठता है. और जब आपको सीट मिल जायेगा तो आप चली जाना, उसने कहा आपका बहूत बहूत धन्यवाद. और वो बैठ गई. खुद ही पर्दा खीच कर बैठ गई. शाम को चाय पि, धीरे धीरे बात चित होने लगी. मैंने पूछा दिल्ली में कहा रहती है आप. तो वो बोली मैं वसंत कुञ्ज में रहती हु, मैं एक कंपनी की मेनेजर हु, मैंने पूछा और आपके पति, तो वो चुप हो गई और सर नीचे कर ली. मैंने कहा सॉरी आपको बुरा लग गया, तो वो बोली मेरा पति मुझे तलाक दे दिया है. उसको बच्चा चाहिए और मैं माँ नहीं बन सकती, मैं दिल्ली में अकेली रहती हु, माँ पापा दोनों आसनसोल में रहते है. मुझे थोड़ी हमदर्दी आ गई दोस्तों, देखने में बहूत ही ज्यादा मासूम थी, करीब 28 साल की, भरा पूरा बदन, बहूत ही ज्यादा डिसेंट लग रही थी. धीरे धीरे बात चित का सिलसिला सुरु हुआ, मैंने भी अपने बारे में बताया की मैं दिल्ली का नामी जिम चलाता हु, काफी अच्छा बिजनेस चल रहा है. उन्होंने पूछा की शादी. मैंने कह दिया शादी का कोई इरादा नहीं है अभी अभी तो 28 साल का हु, जब तक मैं 50 करोड़ रुपया कमा नहीं लू शादी नहीं करूँगा, अभी मेरे जिम की 10 ब्रांच है इंडिया में जल्दी ही . 50 करने बाला हु,

READ  भाबी की बुर का पानी पि कर प्यास मिटाई

दोस्तों मैं पूछा की आपने अपना नाम नहीं बताया तो वो बोली आपने भी तो नहीं बताया, मैंने कहा मेरा नाम सीड है पूरा नाम सिद्धार्थ है. तो उन्होंने कहा मेरा नाम तापसी वासु है. दोस्तों, तापसी में मेरे लिए उत्सुकता बढ़ने लगी. वो मेरे बारे में बहूत कुछ जानना चाह रह थी. मैं भी उसको अपना बता रह था. तभी कहना बाला आया कहना पूछने के लिए, तो तापसी बोली मेरे पास ज्यादा कहना है. आप मेरे साथ प्लीज खा ले. मैंने कहा ठीक है फिर उसने मछली और रोटी निकाली दोनों मिल कर खाना खाये. रात के करीब 10 बज गए, थे सब लोग खाना खा कर सोने की तैयारी कर रहे थे और कई सो भी गए थे, तापसी बोली मैं टीटी को देख कर आती हु, अगर कही मेरा कुछ जुगाड़ कर दे तो. तो मैंने कहा मैं ऐसे भी रात को बहूत देर सोता हु, आप चाहे तो इस सीट पर जा सकती है. हम दोनों बैठ कर चलेंगे, अगर मैं आपको प्रॉब्लम में साथ नहीं देता हु तो ये गलत बात होगी. तापसी बोली सो काइंड ऑफ़ यू, सीड. मैंने कहा मेंशनड नॉट.

और फिर तापसी ने भी पैर फैला दी और मैंने भी पैर फैला दिया, जब एक बार वो झुकी किसी चीज के लिए तो मेरे पैर के अंगूठे से उसकी चूचियां टच हो गया, मैंने कहा ओह्ह्ह्ह सॉरी, तो तापसी बोली इट्स ओके, चलता है. यार उसके बाद तापसी ने अपना साडी ठीक करने लगी. ऊपर से आँचल का पिन खोली और प्लेट बनाने लगी. दोस्तों मैंने उसकी ब्लाउज में कैसे दोनों चूचियों को देखा, गोरी आधी दिख रही थी. और टाइट थी. वो मुझे देख कर मुस्कुराने लगी. मेरा ध्यान वह से हट नहीं रहा था. तो तापसी बोली क्या बात है. फिर मैंने अपना टी शर्ट उतार दिया क्यों की अंदर जिम बनयान पहना था. मेरा टी शर्ट उतारते ही तापसी मेरा डोले सोले देखि. तो वो बोली वाओ क्या बॉडी है, मैंने कहा आपकी भी तो काफी अच्छी सेप है. तो तापसी बोली किस चीज की सेप, मैंने कहा पूरा शरीर आपका बहूत ही ज्यादा सेक्सी है. तो तापसी बोली इसका मतलब एक सीट पर दो दो सेक्सी और वो भी रात के ग्यारह बज गए है. मैंने कहा हां ये बात तो सच है.

READ  मैं नन्ही सी जान और मुझे तीनो

मैंने सोचा क्यों ना इस यात्रा को यादगार बनायें, मेरे अंदर तापसी को चोदने की इच्छा जाग उठी. मैंने कहा, अब पता नहीं जितनी आग इधर लगी है उतनी उधर भी लगी हुई है या नहीं. तो वो बोली आग तो बहूत पहले से लग चुकी है. फिर क्या था दोस्तों मैंने अपने पैर को उसके दोनों जांघों के बिच में डाल दिया और वो भी उसी तरह से डाल दी. मैंने उसके चूत को अपने पैर से सहला रहा था और वो मेरे लंड को सहला रही थी. और दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. अचानक वो थोड़ा पर्दा खोल कर बाहर देखि और फिर पर्दा लगाते हुए मेरे ऊपर टूट पड़ी. मेरे होठ को किश करने लगी. में भी उसके होठ को किश करने लगा. ट्रेन अँधेरे को चीरते हुए जा रही थी. और इधर में हम दोनों अपने अपने पटरी से उत्तर चुकेथे. मैंने उसके ब्लाउज के हुक को खोल दिया, और ब्रा को ऊपर से ही उसके चूचियों को मसलने लगा और चाटने लगा. तापसी अपना ब्रा का हुक खोल दी मेरे ऊपर उसकी दोनों चूचियां टिक गई. बड़ी बड़ी चूचियां और मस्त मस्त निप्पल, मेरा लंड मोटा और लंबा हो चूका था मैंने उसके दूध को पिने लगा.

वो मुझे अपने चूची को पकड़ कर मेरे मुह में पिला रही थी और फिर अपना पेंटी खोल दी. साडी पहनी ही रही, फिर मैंने भी अपना लंड निकाल लिया और वो मेरे लंड पर बैठ गई. दोस्तों उसकी चूत काफी गीली हो चुकी थी. मेरा लंड अंदर समा गया और वो उछाल उछाल कर चुदवाने लगी. मैं उसको बाहों में भर लिया, और मैं नीचे से पेलने लगा. उसका साडी ऊपर कर दिया और दोनों चूतड़ को अपने हाथों से थाम लिया, और अपने लंड में उसके चूत को रगड़ने लगा. दोस्तों मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने उसको फिर बीएड पे लिटा दिया, और दोनों पैर को कंधे पर रख के उसके गोर गोर क्लीन सेव चूत में अपना मोटा लंड घुसेड़ दिया, वो आह आह करने लगी. पर मैंने उसके मुह को बंद किया, ताकि कोई सुन ना ले. फिर मैं लेट गया और फिर वो ऊपर आ गई. और फिर जोर जोर से चोदम चोदी होने लगा. हम दोनों ने खूब एक दूसरे का साथ दिया, फिर दोनों झड़ गए.

READ  चुदासी औरतो की अन्तर्वासना

दोस्तों अब तो एक ही बर्थ और एक भी कम्बल के अंदर थे, दो जिस्म आपस में चिपके थे, और दोनों एक दूसरे को सहला रहे थे. फिर दोनों करीब आधे घंटे के बाद तैयार हो गए. मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. और फिर से चुदाई सुरु हो गई. दोस्तों रात भर में करीब ४ बार मैंने तापसी के चूत को पेलम पेल किया था. वो खूब मजे ली. और मैंने तो हॉट सेक्सी लेडी को खूब चोदा. वो मखमली बदन बाली तापसी, वो गजब का चूत, हॉट और सेक्सी गोरी बदन, वो रसगुल्ले की तरह चूचियां वो गुलाबी होठ, अभी अभी वैसे की वैसे ही याद है जैसे उस रात को था. मजा आ गया दोस्तों . मैं तो धन्य हो गया, गजब की माल थी. पर दोस्तों आप हैरान होंगे, आज तापसी का फ़ोन आया, की मैं दिल्ली आ चुकी हु, और मिलना चाहती हु, याद ताजा हो गया था इस वजह से मैंने इस कहाँनी को नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे डालने का फैसला किया.

Desi Story

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *