दोस्त की बहन चोदी

कनिका गौरव की छोटी बहन थी और मेरे से काफी घुली मिली थी क्यूंकि मैं अक्सर उसके छोटे मोटे काम निपटा दिया करता था और जब से गौरव का आई आई टी  में  एडमिशन हुआ था तो मैं ही कनिका का ख़ास भाई बना हुआ था, कनिका अब कॉलेज के सेकंड इयर में थी और उसके अरमान उछल उछल कर बाहर आने लगे थे. एक दिन उसने मुझसे कहा “भैया वैलेंटाइन डे की पार्टी है मेरे दोस्त के फार्म हाउस पर और माँ पापा जाने नहीं देंगे आप साथ चलोगे तो शायद जाने दें”. मैंने अंकल आंटी कजो विश्वास दिलाया तो उन्होंने हाँ कर दी लेकिन शाम को जल्दी आने के स्ट्रिक्ट इंस्ट्रक्शन भी दे ही दिए, मैं कनिका को ले कर उसके दोस्त के फार्म हाउस पर चला गया तो देखा कि वैलेंटाइन डे पार्टी के नाम पर वहां रेव पार्टी चल रही थी और कनिका नए जाते ही अपने दोस्त राहुल से जॉइंट छीन कर पफ मारना शुरू कर दिया.

 

मैं कनिका को साइड में ले गया तो उसने कहा “भैया ये सिंगल्स पार्टी है और यहाँ तो लोग मिन्गले होने के लिए ही आते हैं ना” मैंने उसे समझाया लेकिन तब तक उसके दोस्त ने हमें टकीला नॉक आउट के लिए खींच लिया मैं देख कर हैरान था की कनिका अकेली पांच पांच टकीला गटक गयी. हमने काफी देर तक डांस किया और फिर जब मैं और कनिका अकेले साइड में बैठ कर सिगरेट पी रहे थे तो मैंने पूछा “कनिका तू इतनी सुन्दर है तुझे तो कोई भी मिल जायेगा फिर तू ऐसी पार्टी में क्यूँ आई” तो उसने कहा “तुम्हारे लिए आई हूँ और तुम्हे यहाँ लाने का बहाना था वरना मम्मी पापा को तो वैसे ही गोली दे के यहाँ आ जाती अकेले”. मैं भौंचक्का रह गया आखिर कनिका मुझे क्यूँ लाना चाहती थी इस पार्टी में, मेरे इस सवाल का जवाब कनिका के सॉफ्ट और गुलाबी होठों ने मेरे होठों पर दे दिया.

मैंने उसको एक चांटा मारा तो वो हंसी और बोली “मुझेतुमसे यही उम्मीद थी लेकिन सोचो अगर तुमने मुझे ना की तो यहाँ कितने होंगे जो मेरे साथ ये सब करना चाहेंगे” मैंने चरों ओर देखा तो मुझे भी लगा की इन चूतियों की जगह अगर मैं रहूँगा तो शायद लड़की ठीक रहेगी. मैंने कनिका को साइड में ले जा कर उसे गले लगा लिया तो उसने ज़ोर से हंसकर कहा “प्यार कर रहे हो क्या, तो मत ही करो. कुछ ऐसा करो जिस से मेरा और तुम्हारा वैलेंटाइन डे सफल हो जाए”. मैंने उसकी ढिठाई देखि और गुस्से में उसे ले जा कर वहीँ फार्म हाउस के एक बेडरूम में पटक दिया और कुण्डी लगा ली तो कनिका नए कहा “ये हुई ना कुछ मर्द वाली बात, नहीं तो मैं तो तुम्हे गे ही समझ लेती”. कनिका के व्यंग्य बाण मेरे दिल को चीरे जा रहे थे सो मैंने गुस्से में जैसे ही अपनी टी शर्ट उतारी वो मेरे सीने से लग गयी और मेरे बलिष्ठ शरीर को चूम चूम कर कहने लगी “इस बॉडी पर तो मैं स्कूल टाइम से मरती हूँ, काश तुमने मुझे ये पहले दे दी होती” और इतना कह कर उसने मेरे शरीर को किसी भूखी रंडी की तरह चूमना शुरू कर दिया जिस से मैं अपने हवास खोने लगा था.

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कनिका चूमते हुए जब मेरे लंड तक पहुंची तो मेरे लंड घबराया हुआ ज़रूर था पर खड़ा था और कनिका को झेलने के लिए रेडी था, कनिका ने मुस्कुराते हुए मेरी जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड को चूमना और चाटना शुरू कर दिया जिस से मेरी हालत खराब हो चली थी, मैंने भी जोश में आ कर उसका टॉप और ब्रा उतारी तो मेरे सामने उसके मखमली गोर चित्ते चुचे नाच रहे थे जिन्हें कनिका ने मुझे रिझाने के लिए थोडा हिलाया तो मेरी आँखों में भी हवस जाग उठी. कनिका नए मेरी पेंट खोली और पिल पड़ी मेरे लंड पर वो मेरा लंड चूसते हुए बोले जा रही थी “इतने सालों से मैं वेट कर रही थी तुम आगे हो कर मुझे दोगे लेकिन आज मुझे ही माँगना पड़ा तुमसे इसे, तुम्हे पता है इस प्यार के इंतज़ार में मैंने कितनों को मना किया है”.

कनिका फुल नशे में थी और जैसे ही उसने मेरे लंड को अंडर वियर से आज़ाद किया उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं और वो बोली “ओ एम् जी, इस दिस अ डिक ओर व्हाट” मैं मुस्कुराया और मैंने उसके अरमान पूरे करने के लिए उसके मुंह में मेरा नौ इंच लम्बा लंड पेल दिया जो सीधे उसके गले में लगा होगा क्यूंकि उसकी आवाज़ रुंध गयी थी. मैं उसके मुंह में अपना लंड डाल कर अन्दर बाहर करने लगा वो छूट कर दूर हुई तो मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके एक चांटा लगा कर अपने लंड को वहीँ सेट रखा, कनिका की आँखों से आंसू निकल रहे थे और मैं उसके मुंह को चोदे जा रहा था. आखिर मुझे उस पर दया आई और मैंने उसके मुंह से लंड निकाल ही लिया लेकिन फिर उसे पलंग पर पटका और उसकी जीन्स और पैंटी खोल कर मैंने उसकी हलके बालों वाली जवान चूत को बिना किसी लाग लपेट के बिना सहलाए या प्यार किये बस झट से अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया.

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कनिका चीख पड़ी क्यूंकि उसकी चूत अच्छे से गीली नहीं हुई थी पर मेरा लंड उसके थूक से अच्छा गीला हो गया था और बड़ी ही आसानी से मेरा लंड उसकी चूत में पैवस्त हो गया, कनिका चीखें मार रही थी और मैं हंस हंस कर उसको छोड़ रहा था. साली के सारे अरमा जो पूरे करने थे, धक्के बराबर लगते रहे और उसकी चीखें भी लेकिन भार चल रहे ट्रांस म्यूजिक के शोर में किसी को हवा तक नहीं लगी. अब कनिका की चूत थोडा थोडा रिसने लगी थी जिस से चुदाई रवां हो गयी और कनिका की चीखें सिस्कारियों में बदल गयी, मैंने उसे  मिशनरी में चोदना छोड़ कर उसकी टांगों को हवा में उठाया और उसे कमर हिलाने को कहा तो उसने वैसे ही किया, अब कनिका मचाक मचाक कर चुद रही थी और मैं पूरी ताकत से उसे पेल रहा था. कनिका नए एक हलकी चीख मारी और उसकी चूत नए जवाब दे दिया था लेकिन मैंने हार नहीं मानी और उसकी एक टांग नीचे रख कर मैंने उसे बेड के क्किनारे तक खींचा और उसकी संकरी चूत में फिर से लंड पेल कर चुदाई मचनी शुरू कर दी.

कनिका हाय हाय करे जा रही थी और मुझे उस पर रहम नहीं आ रहा था क्यूंकि मैं उसकी चुदाई की प्यास बुझा ही देना चाहता था ताकि मेरे दोस्त के परिवार की आगे बदनामी ना हो, वो एक और बार झड़ गयी और बोली “प्लीज़ भैया अब छोड़ दो ना अब नहीं करना और” तो मैंने कहा “मेरी प्यारी बहना रानी अभी तो खेल शुरू किया है मैंने और उसकी गांड पर एक ज़बरदस्त चांटा लगा कर मैंने कनिका को पलट कर घोड़ी बना दिया और फिर से उसे गांड हिलाने को कहा. कनिका मारे दर्द के पिलपिली हो गयी थी लेकिन अब अगर मना करती तो ना जाने क्या होता सोच कर वो चुप चाप चुदती रही, मैं उसे घोड़ी बना कर चोदने के साथ ही उसके चुचे मसल रहा था जो अब तक लाल हो चुके थे और उसकी गांड पर रह रह कर चांटे मार रहा था जिस पर लग भग नील जैसे निशाँ आ गए थे.कनिका फिर गिडगिडाई और बोली “भैया प्लीज़ थोड़ी देर रुक जाओ ना मेरी चूत फट जाएगी, मैं मर जाउंगी ऊऊह्ह्ह माँ” मैंने कहा “बहना रानी ये तुझे मेरे हैवान को जगाने से पहले सोचना चाहिए था”.

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अब कनिका वाकई रोने लगी थी क्यूंकि उसकी चूत में से खून का फव्वरा सा फट पडा था जो मैंने अपनी ऊँगली पर के कर उसे दिखाया और वो ज़ोर ज़ोर से रोने लगी, मैंने अब बस करने का सोचा और उसे सीधा लिटाकर मुठ मारने लगा करीब दो मिनट बाद मेरे लंड से ढेर सारा वीर्य निकल कर कनिका के चूचों चेहरे और नाभि पर गिर गया, वो निढाल पड़ी थी और रोते रोते गहरी साँसें भर रही थी. आधा घंटा वो वहीँ सोयी रही और मैं बाहर पार्टी में और दारु पीता रहा, कनिका के दोस्तों नए पूछा तो मैंने बताया उसे चढ़ गयी है वो सो रही है, फिर मैं दारू ले कर अन्दर गया कनिका को उठाया उसे कुछ खिलाया और वापस वोडका पिला कर एक दफे और उसी अंदाज़ में चोदा. शाम को उसे नार्मल कर के पैन किलर वगेरह खिला कर उसका हुलिया ठीक कर के मैंने उसके घर छोड़ा तो तीन चार दिन तक वो बाहर नहीं निकली क्यूंकि उसकी चूत और टांगों में दर्द था और जब निकली तो सीधे मेरे फ्लैट पर आई और इस बलाकी चुदी जो आज तक चुद रही है, अगले महीने उसका ब्याह है और वो चाहती है की उसकी शादी के बाद भी वो मेरे लंड की दासी बनी रहे.

Aug 19, 2016Desi Story

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