पांच दिनों तक पड़ोस की हॉट खूबसूरत

हेलो दोस्तो, मेरा नाम किशोर ह मैं 21 साल का हूँ और मेरे लंड का साइज़ 6.2 इंच है | ये कहानी मेरे घर के सामने रहने वाली एक जॉइंट फॅमिली की बहू अंजलि भाभी की चुदाई की है | ऐसे मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम की पहली कहानी है पर इस वेबसाइट का रेगुलर विजिटर हु, तो मेरे भी फर्ज बनता है की मैं आपके लिए भी अपनी सच्ची कहानी पेश करूँ |

एक बार मेरे घर के सभी लोग बाहर गये और उनके घर के सभी लोग बाहर गये कुछ दिन बाद आने बाले थे. मैं अपने घर मे अकेला था और वो अपने घर मे अकेली थी , मुझे कुछ जरूरत पड़ती तो मैं भाभी जी को कह देता और भाभी जी को कभी कुछ जरूरत पड़ती, कुछ सामान वगैरह लाना तो मैं ला देता था.

एक बार वो मेरे यहा दूध माँगने आई. मैं कहा की भाभी आप थोड़ी देर बैठिए मैं नहा के आता हूँ और फिर देता हूँ आपको. फिर मैं नहाने चला गया और जब वापस आया तो भाभी टीवी देख रही थी और हम जानबूझकर उनके सामने कपड़े बदलने लगे हाँ लेकिन टवल था. फिर हम उन्हे दूध लाकर दिए और कहे की लीजिए भाभी दूध, आपका दूध ख़तम हो गया क्या. वो मेरे सारी डबल मीनिंग बातें को समझती थी बस कुछ रिप्लाइ नहीं देती थी और बुरा भी नहीं मनती थी. भाभी बोली की और भैया क्या हो रहा है |वो हमें प्यार से भैया बुलाती थी नॉर्मली सभी लोगो के लाइफ मे जैसे होता है | हम बोले कुछ नहीं भाभी बस ज़िंदगी यु ही कट रही है आप बताईये आपके लाइफ में क्या चल रहा है .

तो भाभी बोली हाँ आज कल तो अकेले अकेले ही है घर में कोई ज्यादा काम नहीं है बस टीवी देखना और सोना है | मैंने कहा भाभी चलिए ठीक है अकेले अकेले रहती है मज़ा ही न आता होगा वो बोली की हां हां क्यों नहीं अकेले मे जैसे बहुत मज़ा आता ह …. आप भी न चलिए मैं चलती हूँ. मैंने कहा ठीक है.

सच बताऊँ दोस्तों मुझे तो भाभी को देखते ही चोदने की इच्छा होती है. पर करें क्या इतना जल्दी तो काम नहीं बनता है ना. भाभी का फिगर गजब का है. जब वो चलती है ओह्ह मजा आ जाता है. उनका ठुमक ठुमक कर चलना, मेरी तो जान ही ले लेता है. गजब का बॉडी स्ट्रक्चर है. आगे चूचियाँ टाइट बड़ी बड़ी, गांड का उभर बाहर की तरफ, किसी का भी मन खराब हो जाये.

शाम को हम उनके घर गये क्यों की घर में बोर हो रहे थे, भाभी जी साडी में थी मैंने पूछे की भाभी अभी तो कोई घर मे नहीं है फिर आप साडी में क्यों है. क्यों? वो बोली की साडी मे ही अच्छा लगता है इसीलिए और बताइए आपको हमारी याद कैसे आई? मैंने कहा की भाभी आपकी याद तो हमेशा आती है अभी तो घर पे कोई नहीं है तो जब भी खाली होते ह तो आप को ही याद करते है तभी वो बोल पड़ी, अच्छा अच्छा आप अपने मसका अपने पास् ही रखिए. मैंने कहा आप चुपचाप क्यों बैठी है. टीवी ऑन कर लीजिए, तो भाभी बोली क्या बताऊँ आज ही टीवी खराब हो गया है और अभी तो मेरा फेवरिट सीरियल आने का भी टाइम होने लगा है. मुझे तो अब लग रहा है आज मेरा सीरियल छूट जायेगा. तो मैंने कहा चलिए आप मेरे यहाँ ही टीवी देख लीजिए, आपका भी मन लग जायेगा और मेरा भी मन आपसे बात कर के लग जायेगा. भाभी तैयार हो गई और बोली की ठीक है चलिए.

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वो फिर बोली की किशोर भैया आप जो डबल मीनिंग की साब करते है वो मैं सब समझती हूँ, मैं तो तोड़ा सोचने लगे की अब शायद कुछ बात बन सकती है तो हम बोले की अगर भाभी आप सब समझती ह तो कुछ रिप्लाइ क्यों न देती वो बोली इसमे रिप्लाइ देने वाली कौनसी बात है | तो मैंने पूछा आपको बुरा तो नहीं लगता है.

वो बोली नहीं जी पागल हैं आपकी बात से नाराजगी कैसी, फिर वो हसी और अचानक पूछी की अच्छा ये बताइए की कितनी गर्ल फ्रेंड आपकी, तो हम कहा की एक भी नहीं. तो बोली अच्छा जी मतलब् कभी सच भी बता दिया करिये अच्छा, ये बताई की कितने लोग के साथ किए है? मैंने कहा की क्या किये हैं? तो वो बोली इतना डबल मीनिंग बाते करते है, पर समझे नहीं हो ही नहीं सकता अरे सेक्स कितने लोग के साथ किये है? मैंने थोड़ी देर के लिए चुप हो गये फिर अपने अंदाज मे बोले की नहीं भाभी सेक्स कहाँ किए हैं. लड़कियाँ आसानी से देती नहीं है, तो बोली अरे तो उसमे क्या ह एक सुंदर से लड़की पटईए और कर लीजिए काम…ये बोलते हुए वो मुझे मज़ाक मे अपनी तरफ खिच ली मैंने कहा अच्छा भाभी आप ही मेरी गर्ल फ्रेंड बन जाओ. और आप ही दे दो. मैंने कहा आप मुझे अपने साथ सुला लो.

भाभी थोड़ी मुस्कुराईऔर बोली की अगर सोना ह तो सिर्फ़ सोईयगे और कुछ नहीं, मैंने कहा अरे भाभी सोने का मतलब हम आप के साथ सेक्स करना चाहते है, भाभी बोली अच्छा जी. अगर ये बात भैया को पता चल गया तो. तो मैंने कहा पता कहा चलेगा, मैं भी अकेले हु और आप भी अकेले, ये मौक़ा तो बार बार नहीं आएगा. दोस्तों मेरा धड़कन तेज हो गया था, मेरी साँसे जोर जोर से चलने लगी थी. मुझे डर था की कही भाभी जी ना कर दे और किसी को बोल दे की मैंने ऐसा कहा है तो, पर वो मुस्कुराने लगी. उनके बाल आगे की और थे मैंने पीछे कर दिया, आँचल थोड़ा सरका हुआ था पिंक ब्लाउज के ऊपर से उनकी दोनों चूचियाँ बाहर की और झांक रही थी. मैंने उनके चूचियाँ को घूरा, तो वो बोली समझ रही हु, आपकी इरादे आज ठीक नहीं है. तो मैंने कहा भाभी जी आपने ही मेरे इरादे ख़राब कर दिए है. और मैंने उनके कंधे पर हाथ रख दिया. तभी भाभी बोली सामने बाली खिड़की तो बंद कर लो. मैं तुरंत खिड़की बंद किया और वापस आते ही मैंने उनको अपने बाहों में भर लिया.

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उनको किश करने लगा. उनके गुलाबी रसीले होठ को मैं चूस रहा था, भाभी भी अपना आँख बंद कर के मुझे अपने सीने से चिपकाने की कोशिश कर रही थी. उनकी चूचियाँ मेरे सीने से दब कर ब्लाउज के बाहर होने की कोशिश कर रहा था. मेरी साँसे तेज तेज चलने लगी. और गजब का एहसास होने लगा. मैं उनके बूब्स को दबाने लगा. वो सकुचाई हुई सी करने लगी. और अंगड़ाई भी लेने लगी. मुझे उनका ये अदा बहुत ही अच्छा लग रहा था. फिर उनके मुंह से धीरे धीरे इस इस इस आ आ आ की आवाज आने लगी. मैंने समझ गया की वो अब कामुक हो चुकी है. और उन्हें अब लैंड चाहिए. फिर नीचे से मैंने उनकी साडी की खोल दिए और उन्होने अपनी साँसे जोर जोर से छोड़ने लगी. मैंने उनका लिटा दिया और उनके ऊपर बैठ गया मैंने अपना जांघिया खोल चूका था मेरा मोटा लम्बा लैंड उनके पेट पे रेंगने लगा और में उनकी ब्लाउज का हुक खोल दिया फिर थोड़ा सा उठकर वो ब्रा और ब्लाउज निकाल दी. में टूट पड़ा उनके ऊपर.

वो भी अपने होठ को अपने दांत से काट रही थी और आह आह उफ़ उफ़ और तकिए को अपने मुठी में भर रही थी. गजब लग रही थी. एक दम गोरा शारीर, ऊपर से दो बड़े बड़े गोल गोल चूचियाँ, और ऊपर पिंक पिंक निप्पल, मैं तुरंत निचे चला गया, उनका पेटीकोट का नाडा खोल और पेंटी को उतार दिया. चूत को छूकर देखा उनकी चूत काफी गीली हो चुकी थी. चूत बिलकुल साफ़ था. मुझे चाटने का मन करने लगा. पर भाभी मना कर दी. बोली मुझे गुदगुदी होती है. मैंने भी ज्यादा फ़ोर्स नहीं किया. और चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी, ओह्ह्ह चूल्हे की भट्ठी लग रही थी. अंदर काफी गरम था और वो चूत में पानी छोड़ चुकी थी जो पूरी गीली थी. मैंने अपना लैंड निकाला और भाभी जी का टांग फैला कर, लैंड को अंदर डाल दिया, वो एक लम्बी आह ली और होठ को अपने जीभ से चाटी, और मुस्कुरा गई. मैंने कहा क्या हुआ भाभी मुस्कुरा क्यों रहे है. भाभी बोली अजब का शकुन मिला है. लंड अंदर समा गया है. और वो धीरे धीरे अपने गांड को हिलाने लगी. और मैंने थी लंड को ऊपर निचे करने लगा. वो निचे से झटके देती और मैं ऊपर से देता, पुरे कमरे में धब धब की आवाज आने लगी. और बिच बिच में भाभी कहती आह आह आह, और फिर अपने होठ को जीभ से चाटती और वो अब जोर जोर से आवाज़े निकाल रही थी आ हहहह ह्म्‍मन न्ह म्‍मह हह म्न्‍न्णन् न्‍न्‍णणन् हह हह म्ह एम्म एम्म्म एम्म म्‍म्मह

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थोड़ी देर के बाद वो झड़ गई और जैसे जैसे जोश आता गया और मैं जोर जोर से उनके चूत में लंड को पेलने लगा, उसके बाद मैं भी झड़ने वाला था और जैसे ही मेरा स्पर्म निकलने वाला था मैं अपने अंड बाहर निकल दिया और बाहर निकलते ही लंड ने स्पर्म पिचकारी की तरह फेंकने लगा. स्पर्म भाभी के फेस में जा गिर, कुछ उनके बूब्स पे कुछ उनके होठ और गाल पर, वो जीभ से स्पर्म को चाट रही थी. भाभी बोली आपको तो बहुत जोश है. आज तो आपने मुझे खुश कर दिया. और मेरे चाटी पे सर रख कर बात करने लगी. उनकी चूचियाँ मेरे बदन में सत्ता हुआ था मैं उनके बाल को सहला रहा था. फिर बात होने लगी. दोनों नंगे ही थी. वो वो मेरे सीने की बाल को सहला रही थी, कह रही थी. मुझे ऐसा ही लंड चाहिए था. मैंने कहा क्या भइया खुश नहीं करते है क्या? तो वो बोली करते है पर ऐसा नहीं. आज तो मैं हिल गई, मजा आ गया और वो फिर मेरा लंड पकड़ ली. लंड पकड़ते ही मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा. उसके बाद फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गई, आप ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है.

और मेरे होठ को चूसने लगी. और मैं उनके बूब्स से खेलने लगा. वो फिर अपना चूत मेरे लंड के पास ले गई और खुद अपनी हाथ से पकड़ कर अपने चूत में डाल लिए, और उछल उछल कर छुड़वाने लगी. मैं भी निचे से ठोकने लगा. और वो आह आह आह करती उनकी चूचियाँ भी हिलती पर मैं बॉल की तरह केच करता, और वो इसी तरह जोर जोर से उछलने लगी. और थोड़े देर में ही वो फिर से झड़ गई. मैं भी १०-१५ बार जोर जोर से अंदर बाहर किया, और फिर सारा माल इस बार उनके चूत में ही छोड़ दिया. फिर हम दोनों करीब आधे घंटे तक सोये रहे और फिर बाथरूम में झरना चला कर दोनों एक साथ नहाए.

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