बूब्स और चूत को दबा के चुदवाया

हाय दोस्तों में आरती हूँ. और में हाउस वाइफ हूँ मेरा दो साल का बेटा हे मेरी शादी को चार साल हो चुके हे. मेरी उम्र हे २३ साल और मेरे पति एक कम्पनी में जॉब करते हे लेकिन उनके पास मेरे लिए कोई टाइम नहीं हे. वो हर वक्त बीजी रहते हे.

हमारी शादी के चार सालो में हमने मुस्किल से दो या चार बार सेक्स किया होगा और उसमे ही में प्रेग्नंट हो गयी और में माँ बन गयी. मेने अपने बारे में अपने पति को बहुत संजाने की कोसिस की लेकिन वो कहते हे इन सब के लिए मेरे पास वक्त ही नहीं.

 

में अब ज्यादा उन पर प्रेसर नहीं डालती अब में भी बीजी हो चुकी हूँ उन्होंने मुझे छुट दे रख्खी हे की मुझे जो करना हो करू वो कभी इसका विरोध नहीं करेंगे. दोस्तों अब तो हर दिन नए नए दोस्त बनाती हूँ. हर दिन में अपने शोख पुरे करती हूँ.

मेरे पति ज्यादा से ज्यादा बहार रहते हे. और में अब ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों के साथ रहती हूँ. में यही दोस्तों से अपनी मनोकामना पूरी करती हूँ जिनसे में बहुत खुस रहती हूँ. दोस्तों मेरा एक दोस्त हे जिसका नाम हे शामीन. शामीन और मेरी दोस्ती एक दिन बस स्टॉप पर हुई थी. जो यहाँ तक पहोंची .

हम दोनों अब काफी अच्छे दोस्त बन गए थे.वो मेरे घर पर आने लगा था यु तो हर दिन में अकेले अकेले बोर हो जाती थी उसके आने से मेरा दिन गुजर जाता हे और मुझे मजे भी मिलते हे अब मुझे मेरे पति से ज्यादा शामीन की हाजरी अच्छी लगती थी में हर वक्त उसी का ख़याल करती थी में उसी के खयालो  में रहती थी.

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अब में हर वक्त यही सोचती थी की शामीन हर वक्त हर पल मेरे ही शाथ रहे. लेकिन ये मुमकिन नहीं था शामीन और में लग भग हर दिन मिलते थे सिर्फ वही दिन कठिन होते थे जब मेरे पति घर पर होते. वेसे तो मेरे दोस्तों से उन्हें कोई लेना देना नहीं था लेकिन शामीन और मेरी दोस्ती एसी थी की जब हम दोनों हो तो कोई तीसरा ना हो.

हमें किसी तीसरे की हाजरी पसंद नहीं थी क्यों की जब से शामीन मेरे घर पर आता तब से लेकर जहा तक वो रहता हम दोनों एक दुसरे से चिपके हुए रहते थे. हम दोनों जरा भी दूर नहीं होते थे. और इसे में कोई आ जाए तो बहुत बुरा लगता था.

इसे इसे ही हम दोनों इतने करीब आ गए की अब सिर्फ चिपकना चिपकाना नहीं था बल्कि अब तो जब शामीन मेरे घर आता तो दरवाजा बंद करते हे हम दोनों नंगे हो जाते थे और नंगे हो कर काफी देर तक चिपकके बेठे रहते थे. और फिर जोरदार सेक्स भी करते थे ईएसआई ही एक दिन की मेरी सेक्स कहानी आप सभी के सामने रख रही हूँ दोस्तों मुझे उम्मीद हे की आप सभी को मेरी ये कहानी बहुत बहुत मजे दे जायेगी.

चलो में अपनी कहानी पे आती हूँ. उस दिन हर रोज की तरह वो मेरे घर आया मेने दरवाजा बंद किया और उसकी बाहों में समां गयी. काफी देर तक खड़े खड़े उसने किसिंग सेक्स किया वो मेरे बदन को चूमता रहा में चुमवाती रही. मजा जो आ रहा था एसा मजा मेरा पति थोड़ी न मुझे देता था.

में मजे लुटे जा रही थी वो मुझे चुमते चुमते मेरे बूब्स तक पहोंचा. वो मेरे बूब्स को धीरे धीरे करके सहलाने लगा जिससे में और भी उत्साहित होती जा रही थी मेरा बदन जेसे डांस कर रहा था. अब तो धीरे धीरे से वो मेरे बूब्स को दबाने लगा फिर झोर करने लगा अब वो झोर झोर से मेरे बूब्स को दबाने लगा थोड़े थोड़े बूब्स दुःख रहे थे लेकिन वो जो दबा रहा था मुजको बहुत अच्छा लग रहा था.

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अब वो मेरे बूब्स को बाईट कर रहा था मेरे बूब्स पर उसने लाल लाल निशा भी बना दिए फिर धोसी देर तक उसने मेरे पेट पर पप्पिया लप्पिया की फिर वो निचे सरका और मेरी चूत की दीवारों को चूमने लगा फिर वो चूसने लगा झोर झोर से चूस रहा था. में मजे ले रही थी फिर उसने कहा की में भी उसके लम्बे लंड को किस करू में झुकी और कभी इधर से कभी उधर से हर तरफ से मेने उसके लंड को चूमा फिर मेने उसके लंड को धीरे धीरे करके अपने मुह में लें ने लगी और पूरा का पूरा लंड मेने मुह में ले लिया.

अब में उसके लंड को अपने गले के अन्दर तक उतार चुकी थी उसके लंड में से जो पानी जेसा निकल रहा था वोनमकीन लग रहा था. अच्छा लग रहा था मेने कई देर तक उसके लंड का पानी चूसा फेर उसके लंड को हर तरफ से चाटा और फिर से में दुबारा उसके लंड को अपने मुह में ले के चूसने लगी वो आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊऊऊउह्ह करने लगा में भी उसके लंड को चूसते चूसते आआआआआआआह्ह्ह उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म जेसे आवाजे निकालती रही.

वो भी पुरे झोश में था मेरे मुह में जेसे वो चूत में लंड को घुसा के बेठा हे इसे ही वो लंड को कभी मेरे मुह के बाहर खिचता कभी मेरे मुह के अन्दर घुसाता मेरे मुह से वो चोद रहा था. उसने एसा मेरे साथ ३० मिनट से ज्यादा देर तक किया.

फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और देर तक हम दोनों नंगे ही चिपक के बेठे रहे फिर वो उठा और मुझे बोला में अपनी टाँगे फेला के बेथ जाऊ मेने वेसा ही किया में अपनी टाँगे फेला के उसके सामने बेथ गयी वो मेरी नाजुक गुलाबी गुलाबी चूत को देखने लगा सेक्सी सेक्सी नजरो से वो मेरी चूत को देख रहा था.

READ  अपना वीर्य आंटी को चटाया हेलो दोस्तों.. मेरा नाम नितिन है और मेरी उम्र 26 साल है. मैंने अपने जीवन के बहुत से सेक्स अनुभव यहाँ आपके साथ बहुत से शेयर किये है और आप लोगो ने उनको काफी सराहा और पसंद किया. वो मेरे लिए बहुत अच्छी बात है. अब मैं आज आप सभी के सामने अपना एक नया सेक्स अनुभव लिख रहा हूँ और शायद मेरी पिछली कहानी भी आप सभी को याद होगी कि कैसे मैंने अपनी आंटी को बजाया और अब मैं उसके आगे की कहानी शुरु करता हूँ.. दोस्तों आंटी के साथ सेक्स करने के बाद आंटी मेरे लंड की दीवानी हो गयी और फिर जब भी अंकल बाहर जाते तो हम बहुत दिनों तक कई कई घंटो तक सेक्स करते फिर एक दिन अंकल को किसी काम से कुछ दिनों के लिए बाहर जाना था और मुझे तो मज़ा आ गया कि मैं अब मज़े से आंटी की चुदाई करूंगा.. तो अंकल के जाते ही मैं आंटी के घर पर पहुंच गया. आंटी किचन में अपना काम कर रही थी और मैं उनके पीछे खड़ा हो गया और मैंने अपने लंड को आंटी की गांड से छू दिया. तभी आंटी ने कहा कि इतनी जल्दी क्या हैं? अभी तो हमारे पास पूरा एक हफ्ता पड़ा हैं.. तुम जी जैसे चाहो वैसे जी भरकर चुदाई करना. तो मैंने कहा कि मुझे अभी इसी वक़्त चुदाई करनी हैं.. आंटी बोली कि ठीक हैं और मैंने आंटी की साड़ी को खोल दिया और उनके बूब्स चूसने लगा. तो आंटी कहने लगी कि मुझे कब से इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार था कि तुम जी भरकर मुझे चोदो और वैसे भी तुम्हारे अंकल के लंड में अब वो दम नहीं हैं.. जो तुम्हारे लंड में है. फिर मैंने आंटी की चूत चाटनी शुरू कर दी और आंटी सिसकियाँ लेने लगी हाए आह्ह्ह ऊँह्ह्ह और जोर से चूसो. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी की चूत पर रखकर जोर जोर से धक्के मारने लगा. आंटी वाह मेरे राजा मार आज फाड़ दे मेरी चूत को और जोर से मार कसकर धक्के मार बना दे मुझे अपनी रंडी.. मैं भी कहे जा रहा था कि ले रंडी ले मेरा लंड ले.. मैं आज तेरी चूत के दो टुकड़े कर दूंगा और मैं पूरे जोश मैं आकर बहुत जोर जोर से धक्के देकर उसकी चूत मार रहा था और इस चुदाई के चक्कर मैं हमने दरवाजा बंद नहीं किया था और हम पूरे जोश के साथ सेक्स मैं लगे हुए थे. तभी आंटी की बड़ी बहन जिसे मैं बड़ी माँ कहता था वो आ गयी.. लेकिन हम लोगों को पता नहीं था और हम तो सेक्स में व्यस्त होकर मज़े कर रहे थे और हमे उस समय इस बात का पता नहीं चला और सेक्स के बाद हमने कपड़े पहने और आंटी ने कहा कि बच्चे स्कूल से आते होगें.. जान तुम आज रात को आना हम फिर से मजा करेंगे. तो मैं उस समय अपने घर पर चला गया और जब रात को आंटी के घर गया तो देखा कि आंटी कुछ परेशान लग रही थी.. तो मैंने पूछा कि आंटी क्या बात है? और आप इतनी टेंशन में क्यों हो? तब उन्होंने मुझे बताया कि जब हम दिन में सेक्स कर रहे थे.. तब हमे मेरी दीदी ने देख लिया. फिर मेरे तो होश ही उड़ गये और मैं कुछ देर बाद बोला कि आप यह क्या बोल रही हो? लेकिन हमे बड़ी मम्मी ने कब देख लिया? तो उन्होंने कहा कि हाँ मैं एकदम सच बोल रही हूँ.. हमे उन्होंने सेक्स करते हुए देख लिया है. फिर मैंने बोला कि अब क्या होगा? तो वो बोली कि उन्होंने कहा हैं कि वो रात को यहाँ पर आएगी.. लेकिन हम बहुत डर गये थे कि अब सबको पता चल जाएगा. फिर आंटी ने अपने दोनों बच्चो को खाना खिलाकर जल्दी ही सुला दिया और हम बैठे बैठे उनका इंतजार करने लगे.. बड़ी माँ रात के 10 बजे आई और उन्होंने कहा कि मैं तुम दोनों के बारे मैं तुम्हारे अंकल को बताउंगी. तो मैंने कहा कि जाओ बताओ मैं भी बता दूँगा कि तुम्हारा पति कुछ नहीं कर पता.. क्योंकि उसका लंड खराब हो गया हैं और तुम अपनी चूत में मोमबत्ती घुसाती हो. तो उन्होंने कहा कि तुम्हे यह सब किसने बताया? फिर मैंने कहा कि वो तो छोड़ो.. तभी वो रोने लगी और कहा कि मुझे सिर्फ़ यह कहना था कि बेटा तुम मेरी भी प्यास बुझा दो. तो मैंने कहा कि आपको ऐसा पहले कहना था और हम तो बिना बात के डर ही गये थे. तो आंटी ने कहा कि आज तो बहुत मज़ा आएगा और मैंने बड़ी माँ को गले लगा लिया. मेरी बड़ी माँ के बूब्स 40 के होंगे और गांड 34 की.. मैंने उनकी साड़ी खोल दी और कहा कि चल अपने बूब्स दिखा रंडी. तो उसने ब्रा को खोल दिया और मैं तो दंग ही रह गया कि उसके बूब्स इतने बड़े थे और मैंने बूब्स चूसना शुरू कर दिया. एक बूब्स मैं चूस रहा था और एक आंटी.. फिर हमने थोड़ी देर बाद बड़ी माँ को लेटा दिया और मैं उनकी चूत पर चड़ गया और उनकी चूत को चाटने, चूसने लगा और आंटी उनके बूब्स चूस रही थी. तो बड़ी माँ सिसिकियाँ भर रही थी और कह रही थी कि वाह मज़ा आ गया यार प्लीज़ और चूसो.. मैं चूसता रहा और थोड़ी देर बाद उनकी चूत से पानी निकल गया और वो कांपने लगी और कहने लगी कि मेरी शादी के इतने साल बाद आज पहली बार मेरी चूत से पानी निकला हैं. तो मैंने कहा कि मैं अब आपकी चूत फाड़ दूंगा.. तभी वो बोली कि फाड़ दे बेटा मेरी चूत और दिखा अपने लंड का जोश. फिर मैंने अपना लंड पेंट से बाहर निकाला.. तभी वो मेरा बड़ा लंड देखकर डर गयी और बोली कि यह 7 इंच का लंड अब तक कहाँ पर छुपाकर रखा था? और मुझे पहले पता होता तो मैं हमेशा तुझसे ही चुदवाती. मैंने बिना देर किए अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया.. उनके मुहं से आह्ह्ह निकल गयी और वो जोर से चिल्लाने लगी.. ऊई हहाहह माँ मार दिया मुझे.. चोद मुझे और जोर से चोद दे फाड़ दे माँ उईईई मैं गई.. तो मैंने कहा कि अब मेरा वीर्य निकलने वाला है.. कहाँ पर डालूं? तो उन्होंने कहा कि डाल दे अंदर ही और मैंने उनकी चूत के अंदर ही अपना वीर्य डाल दिया.. आंटी देख रही थी और उसने अपनी बहन से कहा कि आपका काम तो हो गया दीदी बताओ अब मेरा क्या होगा? तब बड़ी माँ ने कहा कि आज मैं एक सेक्स पावर की गोली लाई हूँ हम इसको खिला देते हैं और यह हम दोनों को आज रात भर चोदेगा. तो मैंने कहा कि नहीं मैं गोली नहीं खाऊंगा.. आंटी ने कहा कि बेटा खाले नहीं तो तेरी बड़ी माँ कूद कूदकर शोर मचाएगी क्योंकि उसे बड़े दिनों के बाद लंड जो मिला हैं. फिर मैंने वो गोली खा ली और थोड़ी देर बाद जब उस गोली का असर हुआ तो मेरा लंड ऐसा हो गया था जैसे मानो की लोहे का सरिया हो.. मेरा लंड तनकर अकड़ रहा था और मुझे बहुत दर्द हो रहा था.. मेरी हालत एसी थी कि मुझे जो कोई भी मिल जाए मैं उसे ही चोद दूँ. मैंने आंटी को कहा कि जल्दी से कुतिया बन जाओ और मैं आंटी के बाल पकड़कर उनके ऊपर चड़ गया और चुदाई शुरू की.. गोली की वजह से मुझे वीर्य गिरने का भी डर नहीं था इसलिए मैं पागलों की तरह कसकर धक्के मार रहा था. तो आंटी बोली कि क्या आज मेरी चूत फाड़ ही दोगे? मैंने कहा कि साली कुतिया चुपकर अपने पति से सन्तुष्टि नहीं मिलती तो मुझसे चुदवाती हैं साली कुतिया ले मेरा लंड. तो आंटी सिसकियाँ लेने लगी.. उई माँ उऊफ़ मैं मर गयी उईउऊफ़ मज़ा आ रहा हैं यार.. मार कसकर मार ईईईऊफ़.. तभी बड़ी माँ बोली कि क्या उसे ही चोदेगा या मुझे भी चोदेगा कुत्ते? तो मैंने कहा कि आजा रंडी तू भी और मैंने कहा कि चल घोड़ी बन और उसकी गांड में लंड घुसा दिया.. वो रोने लगी हाए बाहर निकाल आज तू क्या मुझसे बदला लेगा? तो मैंने कहा कि चुप कुतिया ले मेरा लंड ले बहुत गोली खिलाने का शौक था ना तुझे.. ले अब और गांड मरवा. मैंने उसकी गांड मार मारकर उसकी गांड का छेद बड़ा कर दिया. वो उई उऊफ़ गया पूरा लंड मेरी गांड में गया.. मैं मर जाऊंगी.. मैं आज मर गई.. उउफ वो यही कह रही थी और फिर आंटी ने कहा कि मेरी भी गांड मार बेटा. तो मैंने अपना लंड आंटी की गांड मैं घुसा दिया.. वाह मुझे मज़ा आ गया यार मैं बहुत धक्के मारता गया और मैंने उस रात बहुत देर तक उन दोनों की चुदाई की और उन दोनों की हालत खराब हो गई.. लेकिन गोली की वजह से मेरा वीर्य निकल ही नहीं रहा था.. तभी मुझे एक आईडिया आया और मैंने कहा कि आज मैं तुम दोनों को मार ही डालूँगा.. मैंने आंटी से कहा कि अपना मुहं खोलो. तो उन्होंने मुहं खोल दिया और मैंने उनके मुहं में अपना लंड घुसा दिया और आंटी के मुहं को चोदने लगा. आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन मैं इतनी जोर से धक्के मार रहा था कि आंटी की सांसे तक रुक रही थी और उनकी आखों से आंसू आने लगे थे. तो आंटी बोली कि मुझे नये तरीके से चोद.. मैंने कहा कि ठीक हैं और मैंने उनको हवा में उठा दिया और चोदने लगा.. आंटी की हालत खराब हो रही थी. तो आंटी ने कहा कि तो अब मुझे छोड़ दे और दीदी को चोद.. मैंने बड़ी माँ को पकड़ा उसकी गांड को जोर से काट लिया और फिर उसकी गांड बहुत जोर से मारने लगा. मैंने उस रात उन दोनों को 4 बार चोदा दिया अब मुझे लगने लगा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है तो मैंने कहा कि जो भी मेरा वीर्य गिराएगा मैं उसे कल फिर गोली ख़ाकर चोदूंगा. तो तुम दोनों सोच लो कि जो कोई भी जीतेगा वो कल कितने मजे करेगा. फिर मैंने पहले बड़ी माँ को बहुत चोदा.. लेकिन मेरा वीर्य नहीं गिरा और जब आंटी को चोदा तो भी वीर्य नहीं गिर रहा था. तो आंटी ने अपना दिमाग़ लगाया और कहा कि जान आज बहुत मज़ा आ रहा है और वो मेरे पास आती जा रही थी और बोलने लगी कि अपना लंड मेरे मुहं में डालो.. अपना वीर्य मेरे मुहं में डालो.. यह सुनकर मेरा वीर्य गिरने लगा था.. मैंने अपना लंड आंटी के मुहं में घुसा दिया और वो सारा वीर्य पी गयी और हम तीनो ऐसे ही नंगे सो गये .. Aug 22, 2016Desi Story

फिर वो उठा और उसने सीधे ही मेरी चूत के अन्दर लम्बा लंड मेरी चूत में घुसा दिया. वो पूरा मेरी चूत के ऊपर बेथ गया तो उसका लंड पूरी तरह से मेरी चूत के अन्दर ही घुस गया और ऊपर बेठे बेठे ही उसने मेरी चूत के अंदर ही लंड को घुमाना सुरु किया जो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा ये अदा तो मेने ही देर तक करते रहने को कहा काफी मजे लूटने के बाद वो उठा और उसने लंड को धक्के देने सुरु किये.

वो लंड को अन्दर बहार कर कर के मेरी चूत को चोदने लगा. बहुत देर तक वो मेरी चूत को इसे ही चोदता रहा, में भी चुदवाने में कुछ कम नहीं थी मेने भी अपनी गांड हिला हिला कर उसके लंड से अपनी फूली फूली चूत को आखिर चोदवा ही डाला चुदवा चुदवा के चूत को लाल टमाटर बना दिया. फिर दोस्तों झोर झोर से वो मुझे चोदने लगा और आखिर में वो मेरी चूत के अन्दर ही झड गया.

Aug 27, 2016Desi Story

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