मेरी माँ की चुदाई उनके बॉस के साथ आँखों

दोस्तों आज मैं अपने घर की कहानी कहने जा रहा हु, पहले तो मन नहीं कर रहा था की सब लोगो को बताऊँ पर मैं चाहता हु की अपने दिल का बोझ को कम कर सकु. इसलिए आज मैं नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे अपनी कहानी लिख रहा हु, मैं इस वेबसाइट का नया नया विजिटर हु, मैं आज से सिर्फ सात दिन पहले से ही इस वेबसाइट को पढ़ रहा हु, यहाँ की कहानियां जो होती है. वो और कही नहीं होती है. मजा आ जाता है.

दोस्तों ये कहानी आज से कुछ साल पहले की है. जब मेरी उस ऑफिस में काम करती थी. वो बड़ी ही हॉट और सेक्सी दिखती थी. ऑफिस बाले लोगो का भी गन्दी निगाह उनके चूचियों पर और गांड पर होती थी. क्यों की जब कभी मैं किसी काम से उनके ऑफिस में गया था तब वह का नजारा देखकर समझ गया था की यहाँ पर कुछ और ही बात है. मम्मी को सब को घूरते रहते थे और बात करते रहते थे वो भी डबल मीनिंग में. पर उनके बॉस का जो निगाह था वो कुछ ज्यादा ही था, बॉस मेरे घर आया जाया करता था वो मेरी मम्मी को मैक्सिमम टाइम घर पर अपनी कार से छोड़ने आता था.

जब से पापा मम्मी से तलाक लिया था उस समय से मैं और मम्मी दोनों एक साथ रहते थे. हमारे घर की हालात अच्छा नहीं था. इस वजह से वो जॉब पे जाती थी. और शायद ये सब सहती थी. नहीं तो एक अच्छी औरत किसी और पुरुष के चक्कर में नहीं फसती है. दोस्तों मैं भी मम्मी और उनके बॉस के साथ सिनेमा देखने जाते थे. मैं साइड में होता था मम्मी बिच में और साइड में मम्मी का बॉस होता था, मम्मी का बॉस बहूत ही हट्ठा कट्ठा था, लंबा था और बहूत ही ज्यादा स्मार्ट था, एक दिन की बात है उनका बॉस मेरे घर पे आया, मैं पढाई कर रहा था, वो दोनों बात कर रहे थे और बात बात पे मुस्कुरा रहे थे. उन दोनों के कातिल निगाहे एक दूसरे को घूरती थी. मैं सब समझ रहा था. तभी बॉस को एक फ़ोन आया और फिर वो चला गया.

दूसरे दिन. माँ को छोड़ने आया ऑफिस से. तो माँ बोली सर बैठिए, मैं आपके लिए चाय बना कर लाती हु, माँ किचेन में गई. और वो चाय बनाने लगी. तभी उनका बॉस भी किचन में चला गया, और बोला संध्या क्या कर रही हो? और माँ को पीछे से पकड़ लिया, माँ कहने लगी. छोडो जी. बेटा है घर पर, देख लेगा, क्या कहेगा. तो वो बोला कुछ नहीं बोलेगा, मैं तो कुछ भी नहीं कर रहा हु, मैं तो अपनी प्यारी संध्या को प्यार कर रहा हु, और वो मेरी मम्मी की चूचियों को दबाने लगा और उनके कंधे पे और फिर गाल पर किश करने लगा. मैं तो सन्न रहा गया, अपनी मम्मी की करतूत को देखकर, मम्मी भी उनके साइड घूम गई और बोली जी आपको बहूत मस्ती चढ़ रही है? मैं समझ गया की मम्मी का टांका भिड़ा है, मम्मी भी काफी दिन से चुदी नहीं थी. और उनकी बलखाती जवानी शायद संभाले नहीं संभल रही थी. की मैं कई बार उनको बाथरूम में नहाते हुए या तो उनको कपड़ा पहने हुए उनके जिस्म को देख चूका हु, वो थी ही ऐसी की किसी का भी मन खराब हो जायेगा.

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फिर उनका बॉस उस दिन चला गया, सुबह संडे था, माँ की छुट्टी थी. मुझे क्रिकेट खेलने जाना था. क्यों की मैच था. मैं चला गया, जब मैं दोपहर को वापस आया तो देखा, बॉस की गाडी घर के पास लगी थी. मैं समझ गया की साला आज मेरी माँ को ही चोदने आया होगा. और हुआ भी वही. जब मैं पिछली गेट से अंदर गया. तो माँ पेग बना रही थी. दो ग्लास में और बर्फ डाल रही थी ग्लास मैं. मैं वही चुप कर सीढ़ियों के पास बैठ गया वह से बैडरूम का बेड जहा बॉस बैठा था वो साफ़ दिखाई दे रहा था. माँ पेग ले के गई. और बॉस के हाथ में एक पेग दी और एक खुद अपने हाथ में पकड़ी. फिर उन दोनों ने चियर्स बोला, माँ बड़ी ही हॉट लग रही थी. क्यों को वो स्कर्ट पहन रही थी. बाल भी ब्यूटी पारलर से कटवा कर आई थी. होठ रेड कलर से रंगी थी. सेक्सी ड्रेस में गजब की लग रही थी. फिर दोनों ने एक एक पेग पि और फिर कुछ नमकीन खाया.

बॉस बोला संध्या आज वो दिन आ ही गया जिसका मुझे इंतज़ार था. तो माँ बोली हां, ऑफिस में तो किश के अलावा तो और कुछ हो नहीं सकता, आज सुकर है बेटा भी घर पर नहीं है. तो बॉस बोला अगर होता तो भी क्या होता, आखिर मैं भी तो बाप ही हु, अब मैं मैं तुम्हे अपना रखैल बनाऊंगा, और दोनों एक दूसरे के साथ लिपट गए. और मम्मी के होठो को किश करने लगा. मम्मी भी बॉस के पीठ को सहलाते हुए किश कर रही थी फिर मम्मी का टी शर्ट उतार दिया और बॉस ने पीछे से ब्रा का हुक भी खोल दिया. वो बड़ी ही हॉट ब्रा पहनी थी. फिर स्कर्ट भी उतार दिया. अरे ब्रा और पेंटी एक ही कलर का. शायद बॉस ने ही सेक्सी ब्रा और पेंटी गिफ्ट किया होगा. फिर माँ को बेड पे लिटा दिया और अपना शर्ट खोलने लगा. फिर एक एक करके सारे कपडे उतार फेंके और फिर माँ के चूचियों से खेलने लगा. वो माँ के बूब्स को पिने लगा बारी बार से.

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दोस्तों मैं वही खड़ा था मैं सब कुछ देख रहा था क्यों की वह थोड़ा अँधेरा था वो लोग मुझे नहीं देख पा रहे थे. मैंने भी अपना लौड़ा हाथ में ले लिया और थोड़ा थूक लगा कर हिलाने लगा. मुझे भी मजा आने लगा. तभी मैंने देखा की बॉस ने माँ के चूत को चाटने सुरु कर दिया. माँ आह आह आह आह कर रही थी. बॉस माँ की चूत को जीभ से चाट रहा था, फिर माँ बोली मुझे भी तो चखाओ, फिर माँ बॉस का लण्ड अपने मुंह में ले ली और बॉस माँ के चूत को चाटने लगा दोनों 69 की पोजीशन में आ गए पता है ना 69 पोजीशन? जब उल्टा होक एक चूत चाटता और एक लण्ड. ओह्ह्ह दोस्तों ये सिलसिला करीब 10 मिनट चला, और फिर बॉस ने माँ के दोनों पैर को अपने कंधे पर रख लिया और अपना मोटा लंबा लण्ड जो करीब 9 इंच का था. माँ के चूत में पेल दिया. माँ जोर से चीला उठी. हाय मार डोज क्या, लण्ड घुसाए हो की हाथ घुस दिया. तो बॉस ने कहा नहीं जाने मन ये मेरा हाथ नहीं ये मेरा लण्ड है.

आज तो मैं बताऊंगा की चुदाई क्या होती है. अच्छे अच्छे मेरे लण्ड से डर जाते है. तो माँ बोली देखती हु. कितना दम है. आज मैं भी बता दूंगी की मैं भी कोई कम चुदक्कड़ नहीं हु, पसीने पसीने निकाल दूंगी. और फिर बॉस जोर जोर से लण्ड को माँ के चूत में डालने लगा. और माँ हिल रही थी और पलंग चो चो कर रहा था पुरे कमरे में फच्च फछ की आवाज आ रही थी और दोनों एक दूसरे को चूत रहे थे चाट रहे था और बॉस माँ की चूचियों को दबा रहा था. फिर माँ ऊपर हो गई और बॉस नीचे माँ बॉस का लण्ड लेके अपने चूत में घुस ली और जोर जोर से चुदवाने लगी. दोस्तों मेरा भी हालत खराब होने लगा मैं भी जोर जोर से मूठ मारने लगा. फिर बॉस ने माँ को डौगी स्टाइल में चोदने लगा. माँ का बड़ा गोल गोल चूतड़ को बार बार थपड़ मार रहा था. माँ की चूच नीचे झुक हुआ हिल रहा था. और फिर दोनों जोर से आया आया किया और बॉस ने मेरे माँ के चूत में सारा माल छोड़ दिया.

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दोनों निढाल होक सो गए, एक दूसरे को पकड़ कर, मेरा भी वीर्य पिचकारी के तरह निकला और मैं भी खलाश हो गया. मैं तुरंत पिछले दरवाजे से बाहर चाला गया. और करीब 10 बाद आया और बेल्ल बजाया, माँ ने दरवाजा खोल, उनके बाल बिखरे थे. आँखे लाल लाल . लिपस्टिक बिखरी हुई, हाथो में कांच की चूड़ियां टूटी होने के कारण एक दो जगह जख्म था. माँ बोली आओ आओ. देखो बॉस आये है. उन्होंने कहा है आज शाम को फिल्म देखने जायेगे, तो मैंने ही कहा चाय पि कर जाओ. तो वो कह रहे है नहीं नहीं मुझे कही और जाना है. वो इधर से जा रहे थे तो हम दोनों को मूवी के लिए कहने आ गया है. फिर बॉस बोला बेटा शाम को तैयार रहना .

दोस्तों मैं सब कुछ देख चूका था, पर मम्मी का भी इसमें दोष नहीं है. जब उनको चोदने बाला पति नहीं रहा तो मुंह तो मारेगी ही कहीं. मैं भी सोचा चलो जो हो रहा है सही हो रहा है.

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