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वाइफ स्वैपिंग (पार्ट – २)

वाइफ स्वैपिंग (पार्ट – २)
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हेलो दोस्तों, मैं विकाश, आपने मेरी कहानी का पहला भाग “वाइफ स्वैपिंग (पार्ट – १)” पढ़ा है. अब मैं अपनी कहानी आगे बढ़ाता हूँ.
हमसब हनीमून केलिए सिंगापुर आ गए. हमने वहा काफी सैर की, अलग अलग जगह घूमे. मैंने और विजय ने अपनी अपनी बीवियों को खूब ठोका. हमने एक नाईट डिस्को जाने का प्लान बनाया. सोनिया ने एक सेक्सी वाला ड्रेस पहना, ग्रीन कलर की वन पीस ड्रेस में क्या लग रही थी. मैं और सोनिया, कंचन दीदी और विजय का इंतजार कर रहे थे. कंचन दीदी एक ब्लैक कलर का ड्रेस पहना हुआ था, जो की बहुत छोटा था. उसकी मोटी मोटी नंगी झांगे पूरा दिख रही थी. ड्रेस बड़ी मुश्किल से उनकी विशालकाय गांड को ढका हुआ था. उनकी बड़ी बड़ी चूचियां ड्रेस में आ नहीं रही थी. आधी चूचियों के दर्शन हो रहे थे. मैं तो देखता ही रह गया, मन किया अभी पटक कर चोद डालू. किसी तरह अपने लन्ड को शांत किया मैंने.

मैं: दीदी आप तो आज क़यामत लग रही हो.
कंचन: सच में?
मैं: हाँ दीदी आप आज बहुत सेक्सी माल लग रही हो.
कंचन: अच्छा, सोनिया से भी ज्यादा
मैं: अरे दीदी, आपके सामने तो सब फ़ैल hai
कंचन: अच्छा बेटा.. चल मस्का मत मार और डिस्को चलते है.

हमसब डिस्को पहुंचे, वहा सबने ड्रिंक किया और डांस किया.
विजय कंचन दीदी के साथ और मैं सोनिया के साथ. मैंने देखा विजय अपनी बहन सोनिया की चूचियां ताड़ रहा था. थोड़ी देर बाद मैं कंचन दीदी के साथ डांस करने लगा. हमसब नशे में चूर हो गए थे. दीदी काफी सेक्सी डांस कर रही थी. मैं भी मौका का फयदा उठा कर, दीदी को पकड़ कर डांस करने लगा, अपना खड़ा लन्ड दीदी की बड़ी चुत्तड़ पर रगड़ देता और मजा लेता. उधर विजय भी सोनिया के साथ डांस कर रहा था.

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मैं और विजय ड्रिंक लेने काउंटर पर पहुंचे,

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विजय: और साले साहब अपनी दीदी के साथ डांस करके मजा आ रहा है.
मैं: हाँ जीजाजी
विजय: तुम्हारी दीदी है बहुत सेक्सी मजा तो आएगा ही. मैंने देखा तेरा लन्ड खड़ा है अपनी दीदी की जवानी देख कर.
मैं: सच में जीजाजी, दीदी गजब के सेक्सी है. क्या चूचियां है साली की, किसी दूध का जग लगती है. और इतनी बड़ी गांड है साली की, जो चोदे जन्नत नसीब हो जाये उसे. जीजाजी आप बहुत लकी हो की रोज आपको ऐसी माल चोदने मिलती है.
विजय: भाई लकी तो तू भी है, सोनिया भी काम सेक्सी नहीं है. मेरा लन्ड भी उसको देख कर खड़ा हो जाता है.
मैं:इसका मतलब आप भी अपनी बहन को चोदना चाहते है.
विजय: हाँ भाई, एक काम करते है आज मैं सोनिया को चोदता हूँ और तू अपनी दीदी को चोद.
मैं: सच ऐसा हो सकता है क्या?
विजय: हाँ.. मैं जैसा बोलता हूँ वैसा कर.

हमसब काफी नशे में घर पहुंचे, हमने विला ले रखा था, जिसमे हमे कोई डिस्टर्ब ना करे.
विजय कंचन दीदी को अपनी गोद में बिठा रखा था और दीदी को किश कर रहा था. सोनिया भी मेरी गोद में बैठी हुई थी.

विजय: साले साहब, आपकी दीदी है बहुत सेक्सी
मैं: हाँ वो तो है.
कंचन: अरे ये क्या बात कर रहे हो आपलोग
विजय: अरे जानेमन तुम्हारा भाई है तो क्या हुआ लड़का भी तो है, बोलने दो उसे.
मैं: दीदी आप बहुत सेक्सी हो, क्या गदराया हुआ बदन है तुम्हारा, इतनी बड़ी बड़ी तरबूज के सामान चूचियां है आपकी, और ये बड़ी सी गांड आपकी, लन्ड को हमेशा खड़ा करती है
कंचन: बहनचोद ये सब सोचता है मेरे बारे
मैं: दीदी जब से जवान हुआ हूँ आपकी जवानी के लिए तरस रहा हूँ. अब दीदी अपने बहनचोद बोल ही दिया है तो प्लीज मुझे बहनचोद बना दो. मेरा ये लन्ड अपनी मस्त बूर में डलवा लो. वादा करता हूँ दीदी की आपकी बूर का भोसड़ा बना दूंगा और आपकी गांड फाड़ दूंगा.
कंचन: उईईईईई .. भाई मैं भी कब से चुदना चाहती हूँ तुमसे, कई बार तेरा लन्ड देखा है मैंने और सपने में खूब चोदा है मैंने तुझे.
विजय: यार तुम दोनों एक दूसरे को चोदना चाहते हो तो एक काम करो तू अपनी कंचन दीदी को चोद मैं सोनिया को चोद लेता हूँ. क्यू सोनिया चुदेगी ना अपने भाई से.
सोनिया: क्यू नहीं भाई,

विजय ने कंचन दीदी को मेरी गोद में दे दिया और सोनिया को अपनी गोद में खींच लिया . मेरा लन्ड दीदी की गांड के स्पर्श से बहुत कड़ा हो गया.

मैं: दीदी बहुत तरसाया है आपने, बचपन से रोज आपके नाम की मूठ मारी है मैंने.
दीदी: ओह्ह्ह मेरा प्यारा भाई, आज चोद लेना अपनी दीदी को, और ले लेना अपना बदला.
मैं: आप कितनी अच्छी है दीदी, आपके जैसी सुन्दर और सेक्सी लड़की देखी नहीं मैंने. क्या बड़े बड़े चूचे है आपके, क्या साइज है दीदी?
दीदी: ३८ की है भाई.
मैं: उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ ..

मैंने दीदी की चूचियों को दबाना सुरु कर दिया..

दीदी: अह्हह्ह्ह्ह भाई धीरे, उईईईईई …
मैं: उफ्फ्फ्फ़ क्या बड़ी बड़ी चूचियां है आपकी, बिलकुल तरबूज के सामान,

उधर विजय भी सोनिया की चूचियां दबा दबा कर किश कर रहा था. मैं दीदी को अपने कमरे में ले गया और पीछे से दीदी की बड़ी बड़ी चुत्तड़ में लन्ड रगड़ने लगा..

कंचन: अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह.. भाई..मजा आ रहा है.
मैं: दीदी मेरा लन्ड चूस लो प्लीज

दीदी ने मेरा लन्ड अपने मुंह में डाल लिया और मस्ती से चूसने लगी.
मैं: अह्हह्ह्ह्ह.. दीदी और चुसो इसे..
कंचन: कितना प्यारा लन्ड है भाई. और कितना बड़ा है मजा आएगा.
मैं: दीदी आज इस लन्ड की प्यास मिटेगी, जब आपको मैं अपने ही बेड पर रात भर चोदूंगा
कंचन: चोद ले भाई, चूस ले मेरे जिस्म को, भोग ले अपनी बहन का बदन

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मैंने कंचन दीदी की ड्रेस की चैन खोली, और अब उनकी चूचियां पूरी नंगी मेरे सामने थी, मैंने चूचियों को खूब मसला और चूसा.

कंचन: भाई अब चोद मुझे..कण्ट्रोल नहीं हो रहा है. घुसा
मैंने दीदी की बूर में अपना लन्ड पेल दिया..

कंचन: उईईईईई भाई.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह … भाई बहुत मोटा लन्ड है दर्द कर रहा है.
मैं: दीदी आज तो पूरा चोदूंगा तुझे.

२-३ धक्को में मेरा लन्ड पूरा दीदी की बूर में घुस चूका था..
मैं: Didi ये बूर सिर्फ मेरा है. पहले क्यू नहीं चुदी आप मुझसे. कबसे आपका भाई आपकी जवानी के लिए तरस रहा है
कंचन: सॉरी भाई, आ अब पूरी कर ले अपनी मुराद .. चोद अपनी बहन को..
मैं: अह्हह्ह्ह्ह.. बहुत मजा आ रहा है..

मैं बहुत तेजी से दीदी को चोद रहा था.. हर धक्के के साथ दीदी मॉन कर रही थी.. उनकी चूचियों को दबा दबा कर मैं चोद रहा था.

मैं: दीदी अब मुझसे हमेशा चुदवाना ..
कंचन: हाँ मेरे भाई, इतनी अच्छे से चोद रहा है.. जब भी मन करे मुझे चोद लिया कर.. और तेज भाई ….अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

करीब १ घंटे से दीदी की चुदाई चल रही थी.. दीदी अब मेरे उप्पर आ गयी और मुझे चोदने लगी.. उनकी बड़ी बड़ी चूचियां हर धक्के से उछाल रही थी, जिसे मैंने थाम लिया और दबा दबा कर चोदने लगा..

लन्ड फचा फच अंदर बहार हो रहा था..

कंचन: बहनचोद और पेल लन्ड.. चोद मुझे..
मैं और दीदी सम्भोग कर रहे थे एक दूसरे का..
मैं: ये ले साली.. और तू आज से मेरी रंडी बनेगी.. डेली चोदूंगा तुझे … अह्हह्ह्ह्ह.. कंचन मेरी रानी क्या माल है….. तेरी जवानी चूस लूँगा आज..

फिर मैं दीदी के बूर में ही झड़ गया…

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