Ankita ko asli lund se chudwa ke maza aaya

अंकिता मेरे दोस्त तरुण की गर्ल फ्रेंड थी, जिसे तरुण नए बेवक़ूफ़ बना कर उसकी जवानी के खूब मज़े लिए लेकिन अंकिता उस से सच्चा प्यार करती थी. एक दिन तरुण का फ़ोन बार बार बज रहा था जिसे वो उठा नहीं रहा था तो मैं प्कः “उठा ले न भाई ऐसी भी क्या तकलीफ है” इस पर तरुण भड़क उठा और बोला “यार अंकिता अब मुझे पसंद नहीं, लेकिन मैं उसे ये बोल नहीं पा रहा इस लिए इगनोर कर रहा हूँ”. तरुण जब काम करते करते सुसु करने गया तो मैंने उसके मोबाइल से अंकिता का नंबर देख लिया और शाम को अकेले होने पर अंकिता को फ़ोन किया, कारण दो थे एक तो मैं काफी वक़्त से सेक्स का भूखा बैठा था और दुसरे अंकिता एक गुस्सैल लड़की थी और उसे पटाना बड़ा ही आसान काम था.

 

अंकिता नए मुझसे पूछा “तरुण मेरा फ़ोन क्यूँ नहीं उठा रहा” तो मैंने उसे ये सच तो बता दिया कि अब तरुण को उस में कोई इंटरेस्ट नहीं रहा है लेकिन थोडा नमक मिर्च लगा कर, अंकिता को बड़ा गुस्सा आया सो उसने तरुण से मिल्न्ने की ठानी लेकिन मैंने उसे बहला फुसला कर उसे जाने या फ़ोन करने से रोक ही लिया. अंकिता ज़ार ज़ार रोये जा रही थी और तरुण को मन भर भर के गालियाँ दे रही थी, मैंने उसे प्यार से अपने पास बिठाया और समझाने लगा तो अंकिता नए कहा “तुम कितने अच्छे इंसान हो और वो तरुण तो सिर्फ सेक्स का भूखा है”. मैंने मन ही मन सोचा की सेक्स का भूखा तो मैं भी हूँ पर क्या करूँ थोडा सा कमीना भी हूँ, मैंने अंकिता को बाहों में भर लिया और कहा “तुम चिंता मत करो मैं तुम्हारी हालत समझ सकता हूँ” और ये कहकर मैंने उसके माथे पर चूम लिया.

READ  प्रोफेसर ने चूत स्टूडेंट से चुदवाई हेल्लो दोस्तों मेरा नाम शिव है मैं एक मध्यम बांधे का गेहूँवन का लड़का हूँ, मेरी उम्र 21 साल है. मैं आज आपको मैंने अपने इकोनॉमिकस की टीचर की चुदाई की तब की कहानी बताऊंगा…यह टीचर का नाम प्रियंका है. वैसे तो मैं कोलेज के पिछले दो सालो मैं कितनी ही इंडियन औरत और इंडियन गर्ल्स की चुदाई कर चूका था लेकिन मेरे लिए यह इंडियन चूत बहुत अलग थी और यह इंडियन चूत शायद मैं जिंदगी भर याद रखूँगा.   हमारे कोलेज मैं प्रियंका मेम का पहेला दिन मुझे आज भी याद है, वह किसी कोलेज गर्ल के जैसी ही लाग रही थी और यही धोखा सभी को हुआ था, कितनो ने तो उस दिन इस इंडियन सेक्सी लड़की को पटाने के तरीके भी सोचे थे, लेकिन जब पता चला की यह तो नई नई पढाई ख़त्म कर के बनी हुई प्रोफ़ेसर है तो कितनो के दील टूट गए थे. वैसे इस इंडियन सेक्सी मेडम के क्लास को कोई मिस नहीं करता था और लड़के तो कभी नहीं….! एकाद महिना हो गया इस सेक्स बम को क्लास में पढ़ाते हुए और उसकी और मेरी अच्छी जमने लगी थी, वोह अक्सर मुझे अपने पर्सनल काम के लिए बुलाती थी, लेकिन आज तक इसने मुझे अपने घर नहीं बुलाया था किसी भी काम से….उसके सारे काम स्टाफ रुम स्टेशनरी वगेरह के ही रहेते थे. मैं मनोमन सोचने लगा बस एक बार चांस दे दो तुम्हारी इंडियन चूत बजा ना दूँ तो मेरा नाम भी शिव नहीं. उस दिन सुबह सवेरे मेरी किस्मत खुल गई, प्रियंका मेडम ने मुझे केंटिन के बहार ही पकड़ा और कहा, “शिव आज मेरे घर आओगे. मुझे घर पे कुछ काम है ?” मेरे मन मे लड्डू फूटने लगे थे, मैंने कहाँ, “जरुर मेडम, पर मैंने आपका घर नहीं देखा है….!” प्रियंका मेडम, “एक काम करेंगे, शाम को मैं तुम्हे अपनी स्कूटी पर ही लिफ्ट दे दूंगी” दोपहर ही हुई थी और मेरे लिए एक एक पल निकालना भारी था, मैंने बाथरूम जा के एक बार लंड को अपने हाथ में लेकर इंडियन पोर्नस्टार प्रियंका चोपरा और प्रियंका मेडम के साथ थ्रीसम के ख़याल करते हुए हस्तमैथुन कर दियां. लंड एक घंटे में फिर से मुझे हेरान कर रहा था, मैं सोच रहा था की कब मैं मेडम के साथ जाऊं और कोई चांस शायद निकल आयें. शाम उस दिन बहुत देर से हुई, आखिर कार शाम के कुछ 5 बजे प्रियंका मेडम लायब्रेरी से निकली और बोली, “चलो शिव” उसने अपनी स्कूटी निकाली और वह अपने गोल गोल कूले इस स्कूटी की सिट पर रख के बैठ गई, मैं पीछे बैठ गया. मेरी नजर कभी उसके कूलों पर पड़ती तो कभी उसके कंधो पर, साड़ी के ब्लाउज़ के उपर के भाग में इस इंडियन टीचर के गोरे कंधे का भी अपना नशा था, मेरा लंड अब फिर से पेंट में ऊँचा हो रहा था. हम लोग मेईन मार्केट से होते हुए निकले और रास्ते में गर्दी होने के कारण कई बार ब्रेक लगाना पड़ा, मेरे दिमाग में शैतानी सूझी और मैं धीरे से आगे सरक गया, अब जब भी मेडम ब्रेक लगाती वह ना चाहते हुए भी मुझ से अपनी कमर टकरा देती थी. उसका घर आ गया और हम निचे उतरे, मेरा लंड मेरी जींस में भी काट रहा था. घर में दाखिल होते ही मेडम ने कहा, “मेरे मम्मी डेडी दो दिन से इंदोर गए है और मेरे पीसी मेरे डेड के पीसी में शायद वायरस आ गया है तो मुझे वह ठीक करवाना था तूम से. मैंने तुम्हे अक्सर लायब्रेरी के पीसी पर देखा है और सोचा की तूम यह कर लोगे.” मैंने कहा, “देखते है मेडम…!” उसने मुझे पीसी पर से कवर हटा के दिया और मैं वही कुर्सी में बैठकर पीसी चालू कर के चेक करने लगा, स्केन के रिज़ल्ट देख के मेरी आँखे खुली रह गई, मेडम ने उस पे हिंदी सेक्स स्टोरीस और वीडियो ही नहीं बल्क़ि पोर्न वीडियो वाली साइटें भी खोली थी और उसके डेड ने की हुई सेटिंग की वजह से फायरवाल ने इंटरनेट डिसेबल कर दिया था. मुझे लगा, इसमें इस इंडियन प्रोफ़ेसर की क्या गलती है…..हरेक जवान लड़की को चुदाई के अरमान होते है. लेकिन जब मैंने इन लिंक्स को देखा तो चोंक जरुर गया क्यूंकि इनमे गेंगबेंग और डीपथ्रोट के भी लिंक थे. मैंने लिंक डिलीट नहीं किये लेकिन सेटिंग चेंज कर के  पीसी को सही कर दिया. प्रियंका मेडम तभी चाय ले कर रूम में आई, मैंने उसे कहा, “यह हो गया है मेडम…आप चेक कर लो.”   मेडम निचे बैठी मेरी नजर अब उसके भारी इंडियन चुंचो पर थी, मैंने उसे कहा, “आप इंटरनेट ओन कर के देख लो”….मैं अभी भी उसके चुंचे ही देख रहा था….! मेडम बोली, “शिव क्या देख रहे हो.” मैं हडबडा गया और बोला, “कुछ नहीं मेडम” अब मेडम जो बोली वह मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, उसने कहा, “खोल के दिखाऊं” मैं हक्काबक्का था पर मेडम तो सच कहे रही थी क्यूंकि उसने तुरंत अपना ब्लाउज मुझे दिखाते हुए साडी का पल्लू एक तरफ कर दिया, उसके जवान चुंचे 34 की साइज़ के तो होंगे ही और वह बदन पर एकदम लचे हुए थे. मेडम और मेरी आँखे मिली और उसकी आँखों में मुझे वासना का कीड़ा नजर आ गया. मैं भी अपनी जगह से उठ खड़ा हुआ और उसके समीप जा कर मैंने उसके बड़े बड़े चुन्चो को हाथ में लेकर दबाने लगा. मेडम का एक एक चुंचा ढाई किलो का था और मेरे हाथ में नहीं आ रहा था, मैं अब दोनों इंडियन देसी स्तन को हाथ में ले कर दबाने लगा. मेडम ने अब ब्लाउज खोल दिया और साड़ी और एक एक कर के अपने सारे कपडे उतार दियें, मेरा लंड पेंट के अंदर ही उछल पड़ा, क्या साफ़ चूत थी यारो हलकी गुलाबी और उसके उपर बड़े बड़े दो लिप्स. मैंने अपना हाथ अब मेडम के चूत के उपर रख दियां और मैं उसकी चूत को सहेलाने लगा, मेडम ने अब धीमे से मेरे शर्ट के बटन बिलकुल सेक्सी तरीके से खोलने शरु कर दियें, उसका हाथ शर्ट खोलने के बाद उसका हाथ मेरे लंड के उपर जींस निकालेबिना आ गया और वोह उसे दबाते हुए बोली, “शिव बंदूक तो बड़ी है तुम्हारी, गोलियां निकली है कभी इस से…!” मेडम को ऐसा बोलते सुनके मुझे अजीब और उत्तेजक दोनों एक साथ लगा, मैं कुछ बोला नहीं और उसे जोर से अपने आगोश में ले दबोचा, मेडम के सेक्सी इंडियन चुंचे मेरे छाती से टकराने लगे और मैं जैसे उन्हें अपनी छाती से दबाता था मेडम के मुहं से आहिस्ता आहिस्ता सिसकारियाँ निकलती थी. मैंने अब धीमे से अपनी जींस निकाल दी और प्रियंका मेडम तुरंत अपना हाथ मेरे लंड के उपर ले गई, उसने अंडरवेर उतारने का भी वक्त नहीं दिया और वह लंड को उपर से ही सहलाने लग पड़ी, मुझे उसके प्रत्येक स्पर्श से अलग ही रोमांच आ रहा था, अब मेडम ने मेरी चड्डी खोल दी और वह मेरे लंड को देख के मन ही मन हंस रही थी, उसे शायद आज अपनी साइज़ मिली थी क्यूंकि मेरा लंड बहुत ही तगड़ा था. मेडम ने मुहं खोल के आ किया और लंड को चोकोलेट बार की तरह चूसने लग गई. मैं इस सुखद आश्चर्य को कैसे हजम कर रहा था यह केवल मुझे ही पता था. मेडम इस इंडियन लोडे को जम के चूसने लग पड़ी और उसके हाथ मेरी गांड के उपर रखे हुए थे, मैंने अपना लंड मेडम के मुहं में धकेलना शरू कर दिया और मेडम चप्प्पप्प्प…चास्स्स्सस्स्स्स…..चोऊऊऊ…..चो…चो….करते हुए लंड को चुसे जा रही थी. मैंने अब अपना लंड उसके मुहं से निकाला और पता नहीं के इस सेक्सी इंडियन जवान मेडम को क्या सूझी उसने मेरा लंड हाथ में लेकर अपने निपल पर फेरना चालू किया, वोह बारी बारी एक एक निपल पर लंड को घिस रही थी, लंड चिकना होने की वजह से इस घिसाहट में एक अलग मजा मुझे भी आ रहा था. मेडम अब उठ खड़ी हुई और वह वही पर बैठक खंड के टेबल पर लेट गई, मैंने उसकी टाँगे खोली और अपना लंड लेके मैं भी पलंग पर चढ़ बैठा, यह पलंग सोने वाला नहीं बल्कि बेठने वाला था और मुश्किल से एडजस्ट हो पा रहे थे हम दोनों इस के उपर. मैंने अपना लंड धीमे से मेडम की चूत पर रखा और एक हलका झटका दे कर उसको इस चूत के अंदर धकेल किया, मेडम ने अपने होंठो को अपने दांतों के निचे दबाया और वह मेरी तरफ नजर कर राही थी, उसकी आँखों में संतोष के भाव थे और मैंने एक झटका और दे कर अब लंड को अंदर बहार करना चालू कर दिया, प्रियंका मेडम के सेक्सी इंडियन चुंचे इधर उधर उछल रहे थे जिनको अब मैंने अपने हाथ में लेकर दबाने लगा. मेरा लंड बिना रोकटोक इस देसी चूत के दरवाजे के अंदर बहार हो रहा था, शायद मेडम पहेले से ही बहुत चुदक्कड थी और इस लिए चूत उसकी फ़ैल चुकी थी और लंड इसलिए आराम से अंदर बहार हो रहा था वरना पहेले लंड डालो तो लडकियाँ अक्सर चिल्लाने लगती है…! करीब तिन चार मिनिट तक मैंने मेडम को ऐसे चोदा औ फिर मैंने उसके दोनों पग इस तरह अपने कंधे पे चढ़ाये के उसकी झांघे मेरे कंधो पर थी, जी हाँ मिशनरी पोजीशन, और अब में चप चप करके उसकी चूत को मारने लगा, यह पोजीशन सही थी क्यूंकि लंड अन्दर तक जा रहा था और इसमें मुझे कुछ ज्यादा ही रोमांच आया रहा था, और तो और मेडम भी इस पोजीशन में सिसकारियाँ कर रही थी. मैंने जोर जोर से इसकी इंडियन चूत को चोदना चालू रखा और 10 मिनिट की चुदाई के बाद मेरा लंड निढाल हो गया, सारा माल मलीदा इस देसी चूत के अंदर निकलने लगा. मैं मेडम के ऊपर ही दो मिनिट तक पड़ा रहा, थोड़ी देर बाद वो कोफ़ी बना के लेके आई और उसने कोफ़ी पिने के बाद मेरे लंड को फिर मसलना चालू कर दिया. अब की बार तो मैंने प्रियंका मेडम की 20 मिनिट तक लगातार चुदाई कर दी और फिर मैं अपने घर की और चल पड़ा, उसने मुझे ड्रॉप करने के लिए कहा लेकिन में चाहता था की हमें कोई और देखे ना, क्यूंकि कुछ लोडू लोग चुदाई का सेटिंग बिगाड़ देते है और मुझे यह इंडियन चूत को लम्बे समय तक लेना था क्यूंकि इस एक्जाम में पास होने पर में क्लास में इस सब्जेक्ट में टॉपर भी तो हो सकता था…..! Aug 26, 2016Desi Story

अंकिता खुश हो गयी थी और उसने अपनी लगाम मेरे हाथ में दे दी थी, मैं उसे अपने फ्लैट पर ले आया और रस्ते में ऑटो से ही मैंने अपने रूम मेट्स को मेसेज कर दिया था कि निकल लो तुरंत मैं लौंडिया ले कर आ रहा हूँ. अंकिता को ले कर मैं जैसे ही अपने फ्लैट पर पहुंचा तो वो बोली “ये तुम्हारा फ्लैट है” मैंने हाँ में सर हिलाया तो बोली “वो कमीना इसे अपना बताता था और मुझे यहाँ ला ला कर” बस इतना कह कर वो फफक कर रो पड़ी. मैं उसे सहारा दे कर फ्लैट में ले गया जहाँ उसने रो रो कर माहौल हलकान कर दिया था, लेकिन मैंने उसे संभाले रखा पानी पिलाया और संद्विच खाने को दिया तो वो चुप हुई पर सिसकती रही.

मैंने उसे शांत  करवाने के लिए उसके सर पर हाथ रखा तो वो मुझसे लिपट गयी और बोली “अब मैं बदला चाहती हूँ” मैंने कहा “कैसा बदला” तो उसने मेरी टी शर्ट खींच कर उतार दी और मुझे गद्दे पर धकेल कर पिल पड़ी. हालाँकि चाहता तो मैं भी यही था लेकिन बदला लेने की स्टाइल में नहीं, अंकिता मेरे चेस्ट को चूम – चाट और कभी कभी काट भी रही थी. मैं यहाँ उसके होठों के स्पर्श से गरम होरहा था और वो वहां मेरी कैप्री में खड़े लंड को देख कर उसे सहलाने लगी, अंकिता नए मेरी कैप्री के साथ मेरी अंडरवियर भी एक झटके में उतार दी और मेरे लंड को देख कर अपने मुंह पर हाथ रख लिया, क्यूंकि मेरा लंड नौ इन्चा का अच्छा खासा पहलवान था.

वो डर कर हल्का सा दूर हुई तो मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और कहा “क्या हुआ अब बदला नहीं लेना” तो वो बोली “बदले के चक्कर में अपनी चूत नहीं फाड्नी”, मैंने मामला बिगड़ता देख कहा “तरुण तो बड़ा कहता था की अंकिता नए मुझसे बड़ा लंड देखा ही नहीं आज तक” अंकिता तरुण का नाम सुन कर पलती और बोली “हाँ तब तक नहीं देखा था पर आज देख लिया और अब ये लंड मेरा है” इतना कह कर अंकिता नए मेरे लंड को बेतहाशा चूमना शुरू किया. वो मेरी झांटों की परवाह किये बिना मेरे लंड को किसी कुतिया की तरह चाट रही थी तो मुझे भी जोश आ गया मैंने उसे पलटा कर नीचे लिटाया और खुद उसकी छाती पर सवार हो कर उसके मुंह में लंड देने लगा.

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मैंने उसके मुंह में अपना पूरा लंड घुसा कर धक्के देने शुरू किये तो उसके मुंह से घूं घूं की आवाज़ आने लगी, मैंने अपना लंड निकाला और उसका टॉप एक ही बार में उतार फेंका, लंड बाहर आते ही उसकी सांस में सांस आई पर वो कुछ बोलती उस से पहले ही मैंने उसका प्लाज्जो भी खींच कर फेंक दिया और उसकी पैंटी की साइड से ही अपना लंड उसकी चूत के मुहाने पर टिका दिया. अंकिता ने कहा “रुको तो” पर मैं कहाँ रुकने वाला था मैंने उसके कतई नन्हे नन्हे चुचे अपने मुंह में भर लिए और उन्हें गुब्लाने लगा, वो ऐसी बावली हुई की मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया और उसकी चीखों का मज़ा लेने लगा.

अंकिता चिल्ला रही थी और मुझे नोचे जा रही थी, पहले पहले तो नोचना अच्छा लगा पर जब मेरे सेस्ट पर एक जगह से नोचने पर खून निकल आया तो मैंने उसके चार पांच झापड़ लगाये और चोदना जारी रखा. वो मुझे मान बहन की गालियाँ दे रही थी और चिल्ला रही थी “उफ़ चोदले हरामी तू भी चोदले लेकिन मेरी आग बुझा दे आज” मैंने चोदना जारी रखा और धक्के और तेज़ कर दिए, अंकिता की चूत में से लगातार खून निकल रहा था तो मुझे पता चला कि तरुण से तो आधा भी काम नहीं हो पाया था जो आज मैंने पूरा किया है. अंकिता एक बार तो खून के साथ ही झड़ गयी थी और अब वो बस निढाल पड़ी चुद रही थी, लेकिन मैंने उस पर रहम नहीं किया और चोदता रहा और आखिर में उसके एक बार और झड़ने के बाद मैं जब झड़ा तो मैंने अपने खून सने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल कर अंकिता के चूचों मुंह पेट और जाँघों पर अपना रस फैला दिया.

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अंकिता दो घंटे यूँही नंगी सोती रही सो मैं भी उसके पास सो गया लेकिन दो घंटे बाद मुझे महसूस हुआ की अंकिता मेरे लंड को सहला रही थी और कह रही थी “मेरे बाबु ने आज मुझे रुलाया, चलो अब अंकिता अपने बाबु को प्यार करेगी” इतना कह कर वो मेरे लंड को मुस्कुराती हुई चूसने लगी और मुझे मज़ा देने लगी. अंकिता को मैंने अमूमन हर रोज़ ही चोदा और जब तक उसकी शादी नहीं हुई चोदना कभी नहीं छोड़ा पर अपनी शादी के बाद वो कभी नहीं आई. मेरे पास उसका एक ही फोटो है शेयर कर रहा हूँ, अब उसके चुचे इस से तो काफी बडे हो गए हैं और अब वो अपने पति के लंड से ज्यादा कुछ नहीं लेती.

Aug 13, 2016Desi Story

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