Mausi ki ladki ki chut ki pahli chudai

हाई फ्रेंडस मेरा नाम विजय हैं और मेरी उम्र १९ साल हैं, आज मैंने अपनी पहली कहानी आप को लिख के भेजी हैं जो एकदम सच हैं. मेरी मोसी की २ बेटियाँ हैं और वो लोग एमपी में रहते हैं. मौसी की दोनों बेटियाँ देखने में एकदम सुन्दर और हॉट हैं जिन्हें देखकर कोई भी अपना लंड उनकी चूत में डालना चाहेगा. बड़ी वाली लड़की २२ साल की हैं जिसका नाम पूजा हैं और छोटी वाली लगभग १९ साल की हैं जिसका नाम पायल हैं.

गर्मी की छुट्टियों में मौसी  हमारे घर घुमने आई थी साथ में दोनों उसकी बेटियाँ भी थी. मैं पायल पे फिर रहता था यु तो वो मेरी बहन थी मैं उसे हमेशा अपनी गर्लफ्रेंड की नजर से देखता था.

 

एक दिन की बात हैं पायल ऊपरवाले बाथरूम में नाहा रही थी की अचानक मैं आके दरवाजे को धक्का मारा जिस से दरवाजा खुल गया और मैंने देखा की पायल बाथरूम में नंगे ही नाहा रही थी.उसने मुझे देखा तो दरवाजा खिंच लिया लेकिन मेरी ये दो पागल आँखे उसे देखती रह गयो. उसके बूब्स मीडियम थे और उसकी चूत एकदम साफ़ और चिकनी थी. मैं फटाफट मुठ मारने लगा और उसे चोदने का प्लान भी सोचने लगा.

अब शायद वो भी मुझे लाइक करने लगी थी. मैं शाम को चूत पे घूम रहा था की पायल भी वहाँ आ पहुंची. मुझे सुबह की हरकत याद आ गई तो मैंने उसे पीछे से जा पकड़ा और उसके कंधो को पकड कर उसे किस करने लगा. वो मुझे धक्का लगा के बोली, कोई आ जाएगा अभी नहीं!

मुझे तो यकीन नहीं हुआ की वो ऐसा बोली. फिर क्या था मैं उसे सीडियों पे ले गया और हम सीडियों में चले गए वहां हमने खूब किसिंग किया और फिर मैंने अपने हाथो से उसके बूब्स पकड़ लिए और दबाने लगा. वो सिसकियाँ ले रही थी और जैसे ही मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रखा तो वो शर्मा के भाग गई. फिर मैने मुठ मारी और वहाँ से चलता बना. लेकिन उसकी चूत की याद बार बार आ रही थी. रात को सब खाना पीना खाने के बाद सोने छत पे चले गए लेकिन मैंने निचे सोने का प्लान बनाया क्यूंकि पायल निचे मम्मी के साथ सो रही थी.

READ  अपना वीर्य आंटी को चटाया हेलो दोस्तों.. मेरा नाम नितिन है और मेरी उम्र 26 साल है. मैंने अपने जीवन के बहुत से सेक्स अनुभव यहाँ आपके साथ बहुत से शेयर किये है और आप लोगो ने उनको काफी सराहा और पसंद किया. वो मेरे लिए बहुत अच्छी बात है. अब मैं आज आप सभी के सामने अपना एक नया सेक्स अनुभव लिख रहा हूँ और शायद मेरी पिछली कहानी भी आप सभी को याद होगी कि कैसे मैंने अपनी आंटी को बजाया और अब मैं उसके आगे की कहानी शुरु करता हूँ.. दोस्तों आंटी के साथ सेक्स करने के बाद आंटी मेरे लंड की दीवानी हो गयी और फिर जब भी अंकल बाहर जाते तो हम बहुत दिनों तक कई कई घंटो तक सेक्स करते फिर एक दिन अंकल को किसी काम से कुछ दिनों के लिए बाहर जाना था और मुझे तो मज़ा आ गया कि मैं अब मज़े से आंटी की चुदाई करूंगा.. तो अंकल के जाते ही मैं आंटी के घर पर पहुंच गया. आंटी किचन में अपना काम कर रही थी और मैं उनके पीछे खड़ा हो गया और मैंने अपने लंड को आंटी की गांड से छू दिया. तभी आंटी ने कहा कि इतनी जल्दी क्या हैं? अभी तो हमारे पास पूरा एक हफ्ता पड़ा हैं.. तुम जी जैसे चाहो वैसे जी भरकर चुदाई करना. तो मैंने कहा कि मुझे अभी इसी वक़्त चुदाई करनी हैं.. आंटी बोली कि ठीक हैं और मैंने आंटी की साड़ी को खोल दिया और उनके बूब्स चूसने लगा. तो आंटी कहने लगी कि मुझे कब से इस दिन का बड़ी बेसब्री से इंतजार था कि तुम जी भरकर मुझे चोदो और वैसे भी तुम्हारे अंकल के लंड में अब वो दम नहीं हैं.. जो तुम्हारे लंड में है. फिर मैंने आंटी की चूत चाटनी शुरू कर दी और आंटी सिसकियाँ लेने लगी हाए आह्ह्ह ऊँह्ह्ह और जोर से चूसो. फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी की चूत पर रखकर जोर जोर से धक्के मारने लगा. आंटी वाह मेरे राजा मार आज फाड़ दे मेरी चूत को और जोर से मार कसकर धक्के मार बना दे मुझे अपनी रंडी.. मैं भी कहे जा रहा था कि ले रंडी ले मेरा लंड ले.. मैं आज तेरी चूत के दो टुकड़े कर दूंगा और मैं पूरे जोश मैं आकर बहुत जोर जोर से धक्के देकर उसकी चूत मार रहा था और इस चुदाई के चक्कर मैं हमने दरवाजा बंद नहीं किया था और हम पूरे जोश के साथ सेक्स मैं लगे हुए थे. तभी आंटी की बड़ी बहन जिसे मैं बड़ी माँ कहता था वो आ गयी.. लेकिन हम लोगों को पता नहीं था और हम तो सेक्स में व्यस्त होकर मज़े कर रहे थे और हमे उस समय इस बात का पता नहीं चला और सेक्स के बाद हमने कपड़े पहने और आंटी ने कहा कि बच्चे स्कूल से आते होगें.. जान तुम आज रात को आना हम फिर से मजा करेंगे. तो मैं उस समय अपने घर पर चला गया और जब रात को आंटी के घर गया तो देखा कि आंटी कुछ परेशान लग रही थी.. तो मैंने पूछा कि आंटी क्या बात है? और आप इतनी टेंशन में क्यों हो? तब उन्होंने मुझे बताया कि जब हम दिन में सेक्स कर रहे थे.. तब हमे मेरी दीदी ने देख लिया. फिर मेरे तो होश ही उड़ गये और मैं कुछ देर बाद बोला कि आप यह क्या बोल रही हो? लेकिन हमे बड़ी मम्मी ने कब देख लिया? तो उन्होंने कहा कि हाँ मैं एकदम सच बोल रही हूँ.. हमे उन्होंने सेक्स करते हुए देख लिया है. फिर मैंने बोला कि अब क्या होगा? तो वो बोली कि उन्होंने कहा हैं कि वो रात को यहाँ पर आएगी.. लेकिन हम बहुत डर गये थे कि अब सबको पता चल जाएगा. फिर आंटी ने अपने दोनों बच्चो को खाना खिलाकर जल्दी ही सुला दिया और हम बैठे बैठे उनका इंतजार करने लगे.. बड़ी माँ रात के 10 बजे आई और उन्होंने कहा कि मैं तुम दोनों के बारे मैं तुम्हारे अंकल को बताउंगी. तो मैंने कहा कि जाओ बताओ मैं भी बता दूँगा कि तुम्हारा पति कुछ नहीं कर पता.. क्योंकि उसका लंड खराब हो गया हैं और तुम अपनी चूत में मोमबत्ती घुसाती हो. तो उन्होंने कहा कि तुम्हे यह सब किसने बताया? फिर मैंने कहा कि वो तो छोड़ो.. तभी वो रोने लगी और कहा कि मुझे सिर्फ़ यह कहना था कि बेटा तुम मेरी भी प्यास बुझा दो. तो मैंने कहा कि आपको ऐसा पहले कहना था और हम तो बिना बात के डर ही गये थे. तो आंटी ने कहा कि आज तो बहुत मज़ा आएगा और मैंने बड़ी माँ को गले लगा लिया. मेरी बड़ी माँ के बूब्स 40 के होंगे और गांड 34 की.. मैंने उनकी साड़ी खोल दी और कहा कि चल अपने बूब्स दिखा रंडी. तो उसने ब्रा को खोल दिया और मैं तो दंग ही रह गया कि उसके बूब्स इतने बड़े थे और मैंने बूब्स चूसना शुरू कर दिया. एक बूब्स मैं चूस रहा था और एक आंटी.. फिर हमने थोड़ी देर बाद बड़ी माँ को लेटा दिया और मैं उनकी चूत पर चड़ गया और उनकी चूत को चाटने, चूसने लगा और आंटी उनके बूब्स चूस रही थी. तो बड़ी माँ सिसिकियाँ भर रही थी और कह रही थी कि वाह मज़ा आ गया यार प्लीज़ और चूसो.. मैं चूसता रहा और थोड़ी देर बाद उनकी चूत से पानी निकल गया और वो कांपने लगी और कहने लगी कि मेरी शादी के इतने साल बाद आज पहली बार मेरी चूत से पानी निकला हैं. तो मैंने कहा कि मैं अब आपकी चूत फाड़ दूंगा.. तभी वो बोली कि फाड़ दे बेटा मेरी चूत और दिखा अपने लंड का जोश. फिर मैंने अपना लंड पेंट से बाहर निकाला.. तभी वो मेरा बड़ा लंड देखकर डर गयी और बोली कि यह 7 इंच का लंड अब तक कहाँ पर छुपाकर रखा था? और मुझे पहले पता होता तो मैं हमेशा तुझसे ही चुदवाती. मैंने बिना देर किए अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया.. उनके मुहं से आह्ह्ह निकल गयी और वो जोर से चिल्लाने लगी.. ऊई हहाहह माँ मार दिया मुझे.. चोद मुझे और जोर से चोद दे फाड़ दे माँ उईईई मैं गई.. तो मैंने कहा कि अब मेरा वीर्य निकलने वाला है.. कहाँ पर डालूं? तो उन्होंने कहा कि डाल दे अंदर ही और मैंने उनकी चूत के अंदर ही अपना वीर्य डाल दिया.. आंटी देख रही थी और उसने अपनी बहन से कहा कि आपका काम तो हो गया दीदी बताओ अब मेरा क्या होगा? तब बड़ी माँ ने कहा कि आज मैं एक सेक्स पावर की गोली लाई हूँ हम इसको खिला देते हैं और यह हम दोनों को आज रात भर चोदेगा. तो मैंने कहा कि नहीं मैं गोली नहीं खाऊंगा.. आंटी ने कहा कि बेटा खाले नहीं तो तेरी बड़ी माँ कूद कूदकर शोर मचाएगी क्योंकि उसे बड़े दिनों के बाद लंड जो मिला हैं. फिर मैंने वो गोली खा ली और थोड़ी देर बाद जब उस गोली का असर हुआ तो मेरा लंड ऐसा हो गया था जैसे मानो की लोहे का सरिया हो.. मेरा लंड तनकर अकड़ रहा था और मुझे बहुत दर्द हो रहा था.. मेरी हालत एसी थी कि मुझे जो कोई भी मिल जाए मैं उसे ही चोद दूँ. मैंने आंटी को कहा कि जल्दी से कुतिया बन जाओ और मैं आंटी के बाल पकड़कर उनके ऊपर चड़ गया और चुदाई शुरू की.. गोली की वजह से मुझे वीर्य गिरने का भी डर नहीं था इसलिए मैं पागलों की तरह कसकर धक्के मार रहा था. तो आंटी बोली कि क्या आज मेरी चूत फाड़ ही दोगे? मैंने कहा कि साली कुतिया चुपकर अपने पति से सन्तुष्टि नहीं मिलती तो मुझसे चुदवाती हैं साली कुतिया ले मेरा लंड. तो आंटी सिसकियाँ लेने लगी.. उई माँ उऊफ़ मैं मर गयी उईउऊफ़ मज़ा आ रहा हैं यार.. मार कसकर मार ईईईऊफ़.. तभी बड़ी माँ बोली कि क्या उसे ही चोदेगा या मुझे भी चोदेगा कुत्ते? तो मैंने कहा कि आजा रंडी तू भी और मैंने कहा कि चल घोड़ी बन और उसकी गांड में लंड घुसा दिया.. वो रोने लगी हाए बाहर निकाल आज तू क्या मुझसे बदला लेगा? तो मैंने कहा कि चुप कुतिया ले मेरा लंड ले बहुत गोली खिलाने का शौक था ना तुझे.. ले अब और गांड मरवा. मैंने उसकी गांड मार मारकर उसकी गांड का छेद बड़ा कर दिया. वो उई उऊफ़ गया पूरा लंड मेरी गांड में गया.. मैं मर जाऊंगी.. मैं आज मर गई.. उउफ वो यही कह रही थी और फिर आंटी ने कहा कि मेरी भी गांड मार बेटा. तो मैंने अपना लंड आंटी की गांड मैं घुसा दिया.. वाह मुझे मज़ा आ गया यार मैं बहुत धक्के मारता गया और मैंने उस रात बहुत देर तक उन दोनों की चुदाई की और उन दोनों की हालत खराब हो गई.. लेकिन गोली की वजह से मेरा वीर्य निकल ही नहीं रहा था.. तभी मुझे एक आईडिया आया और मैंने कहा कि आज मैं तुम दोनों को मार ही डालूँगा.. मैंने आंटी से कहा कि अपना मुहं खोलो. तो उन्होंने मुहं खोल दिया और मैंने उनके मुहं में अपना लंड घुसा दिया और आंटी के मुहं को चोदने लगा. आंटी को बहुत मज़ा आ रहा था.. लेकिन मैं इतनी जोर से धक्के मार रहा था कि आंटी की सांसे तक रुक रही थी और उनकी आखों से आंसू आने लगे थे. तो आंटी बोली कि मुझे नये तरीके से चोद.. मैंने कहा कि ठीक हैं और मैंने उनको हवा में उठा दिया और चोदने लगा.. आंटी की हालत खराब हो रही थी. तो आंटी ने कहा कि तो अब मुझे छोड़ दे और दीदी को चोद.. मैंने बड़ी माँ को पकड़ा उसकी गांड को जोर से काट लिया और फिर उसकी गांड बहुत जोर से मारने लगा. मैंने उस रात उन दोनों को 4 बार चोदा दिया अब मुझे लगने लगा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है तो मैंने कहा कि जो भी मेरा वीर्य गिराएगा मैं उसे कल फिर गोली ख़ाकर चोदूंगा. तो तुम दोनों सोच लो कि जो कोई भी जीतेगा वो कल कितने मजे करेगा. फिर मैंने पहले बड़ी माँ को बहुत चोदा.. लेकिन मेरा वीर्य नहीं गिरा और जब आंटी को चोदा तो भी वीर्य नहीं गिर रहा था. तो आंटी ने अपना दिमाग़ लगाया और कहा कि जान आज बहुत मज़ा आ रहा है और वो मेरे पास आती जा रही थी और बोलने लगी कि अपना लंड मेरे मुहं में डालो.. अपना वीर्य मेरे मुहं में डालो.. यह सुनकर मेरा वीर्य गिरने लगा था.. मैंने अपना लंड आंटी के मुहं में घुसा दिया और वो सारा वीर्य पी गयी और हम तीनो ऐसे ही नंगे सो गये .. Aug 22, 2016Desi Story

सो मैं भी निचे सोने चला गया, बेड बड़ा था तो मम्मी बिच में सो गयी और एक तरफ मैं और एक तरफ पायल सोयी थी. मम्मी के पैरो में हमेशा दर्द रहता था तो उस दिन मम्मी ने मुझे अपने पैरो पे लेटने को कहा तो मैं उनके पैरो पर लेट गया और एक हाथ से पायल के बूब्स दबाने लगा. करीब आधा घंटा होने के बाद मैंने अब पायल की चूत पर हाथ रख दिया. उसने फ्रॉक पहना हुआ था, मैंने अपना हाथ फ्रॉक में डाल दिया और उसकी चूत में ऊँगली करने लगा.

मम्मी भी अब सो चुकी थी तो मैंने मौका देख के चौका मार दिया. मैंने पायल की फ्रॉक ऊपर कर के उसकी चूत चाटने लगा. उसकी चूत की खुशबू में मैं मदहोश होने लगा था, उसकी चूत से निकलता हुआ सारा पानी मेरे मुहं में जा रहा था उस नमकीन पानी का भोग मैंने पहले कभी नहीं लिया था. पायल सिर्फ सिसकियाँ ले रही थी मम्मी के खर्राटों ने उसकी सिसकियों का पता नहीं चल रहा था. मैं तो किया की आज मैं इसे चोद ही दूँ लेकिन मम्मी के बगल में होने के कारण मैं असफल था. उस रात को हम दोनों रात भर मजे करते रहे, कभी वो मेरा लंड चूसती तो कभी मैं उसकी चूत चाटती.

अकेलेपन का फायदा ले के चोदा

अगले दिन मुझे किसी काम से लखनऊ जाना पड़ गया तो मैं चला गया. लेकिन मुझे उसे चोदने का बहुत मन करता था. दो दिन बाद मैं वापस आया तो देखा की पायल वही चेयर प् बैठी थी. मैं जा के उसे गले लगा लिया और गर्दन पर किस करने लगा. फिर उसने मुझे बताया की मम्मी और मौसी बहार गए हुए हैं और भाई कोलेज गया हुआ हैं. उस वक्त घर में सिर्फ मैं और वही थे. मैं ख़ुशी से पागल हो रहा था. और उसे मैंने हाथो से ऊपर उठा लिया और अन्दर ले गया और फिर मैंने उसे हर जगह पर किस किया तो वो बोली, चलो पहले नाहा लेते हैं. मैंने उसे कहा की तुम नाहा लिए तो वो बोली मैंने तो सुबह में ही नाहा लिया था.

फिर मैंने अपना टॉवल लिया और बाथरूम में चला गया. नहाते वक्त मैंने पयाल को आवाज लगाया की ज़रा इधर आना तो वो आ गयी और मैंने उसे भी अंदर खिंच लिया. वो बोली ये क्या कर रहे हो. उसके और कुछ बोलने से पहले मैंने शोवर चालु कर दिया. अब वो भी एकदम भीग गो थी तो मैंने बोला अब तो तुम भी भीग गई हो तो क्यूँ न एकबार और नाहा लो. वो मान गई फिर मैंने उसके कपडे एक एक कर के उतार दिए और अब वो एकदम नंगी, जैसा मैंने पहले दिन उसे देखा था. उसने भी मेरे सारे कपडे उतार दिए. अब हम दोनों एकदम नंगे थे, मैं एक बार फिर से उसकी चूत को चाटने लगा था और वो जोर जोर से सिसकियाँ ले रही थी. फिर मैंने उसके बूब्स मसलने लगा. वो और भी गरम होती जा रही थी उसने मेरे लंड को अपने मुहं में भर लिया और मुहं को हिला के चूसने लगी.

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करीब ८-१० शॉट में मैं उसके मुह में ही झड़ गया. वो मेरा सारा रस पी गई और मेरे गोटियों के साथ खेलने लगी. एक बार फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैं उसकी चूत में डालने लगा तो वो मना कर दी और बोली बहार के लिए भी कुछ छोड़ दो, सब यही थोड़ी करेंगे! तो मैं फटाक से उठा और उसे अपनी गोदीमे उठा के कमरे में ले आया और उसे बिस्तर में गिरा दिया और मैं अब उसके ऊपर आया गया. मुझे याद आया इसलिए उठ के मैंने तेल की बोतल ले आया और उसकी चूत पर लगाने लगा और वो मेरे लंड पर तेल लगाने लगी. मैंने उसकी टांगो को अपने कंधे के ऊपर रख दिया और अपना लंड उसकी कुंवारी चूत पर निशाना लगाया और जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसाया की वो चिल्ला पड़ी.

मैंने उसे शांत कराया और बताया की पहली बार दर्द होता हैं और फिर मैं उसकी चूत में घुसाने लगा लेकिन उसका दर्द बढ़ते ही जा रहा था तो मैंने एक झटके में आधा लौड़ा उसकी चूत में पेल दिया वो चिल्लाने लगी और इधर उधर छटपटाने लगी. उसकी आँखे एकदम लाल हो गई थी आंसूओ की कतार बहार आ रही थी. तभी मैंने देखा की मेरे लंड पर खून लगा था तो मैंने उससे एक तोवेल से पोंछ दिया ताकि पायल ये ना देख पायें नहीं तो वो डर जाती. पायल मुझे धकेल रही थी ताकि मेरा लंड उसकी चूत से बहार निकल जाए लेकिन वो नाकाम रही.

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मैंने उसे समझाया की बस अब दर्द नहीं होगा लेकिन वो मानने को तैयार ही नहीं थी. मैं उसकी चुंचियां मसलने लगा ताकि वो दोबारा गरम हो जाए. करीब १५ मिनिट बाद उसका दर्द शांत हुआ तब तक मैंने उसे गरम कर दिया था तो अब मैंने पूरा लंड धीरे धीरे अन्दर बहार करना चालू कर दिया. और २-३ मिनिट बाद मैंने अपनी रफ़्तार तेज कर दी. अब पायल भी मेरा पूरा साथ दे रही थी लगभग ३०-४० शॉट्स के बाद पायल ने मुझे अजगर की तरह जकड़ लिया. मैं समझ गया की उसका खेल ख़तम हो चुका हैं.

अब मैं भी कगार पर पहुँच गया था और १०-१२ शॉट्स लगाने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. हम दोनों एक दुसरे से चिपके हुए थे और लम्बी लम्बी साँसे ले रहे थे फिर मैंने अपना लौड़ा पायल की चूत से लगा कर दिया. लेकिन थोडा बहुत खून उसपे अब भी लगा हुआ था तो पायल ने पूछ लिया की ये खून कहा से आया तो मैंने उसे समझाया की पहली बार जब भी कोई लड़की ऐसी चुदती हैं तो उसकी सिल टूट जाती हैं जिस से खून निकलता हैं. फिर हम दोनों एक बार और नहाये और मैंने अपना सारा कपडा फिर से धोया जिसपर खून लगा हुआ था. और हम दोनों साथ में खाने चले गए.

शाम को अम्मी भी आ गयी तो उन्होंने पायल से एक ग्लास पानी मंगवाया, पायल कुछ लंगड़ा चल रही थी तो मौसी ने पूछ लिया की पैर में क्या हुआ हैं तो हमलोगों ने बहाना बना दिया की सीडियों से उतारते वक्त मोच आ गयी थी. उसके बाद डॉन दिन तक मैंने पायल से चुदाई नहीं की सिर्फ किसिंग से काम चलाते रहे. दो दिन बाद मौसी की ट्रेन थी, वो मुझसे अलग नहीं होना चाहती थी! और जाते समय उसने वादा किया की आगे भी जबी मौका मिला वो मेरा लंड जरुर लेगी.

Aug 6, 2016Desi Story

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